बाहरी उद्योगों से बनाएं दूरी

-रूप सिंह नेगी, सोलन

खबरों की मानें तो भारत सरकार रीजनल काम्प्रिहेंनिसव इकॉनोमिक पार्टनरशिप समझौते पर हस्ताक्षर करने की सोच बना रही है, जिस के तहत उन पार्टनर देशों से  दुग्ध उत्पाद, लोहा, दवाइयां, कपडे़, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक, प्लास्टिक आदि सामान का सस्ते दामों पर आयात किया जा सकता है, लेकिन इससे देश के दुग्ध उद्योग एवं उक्त उद्योगों पर कितना प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इससे लाखों लोगों के रोजगार व नौकरियां भी जा सकती हैं। अतः मेरा मानना है कि देश हित के मद्देनजर सरकार को इस समझौते पर हस्ताक्षर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।

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