भोरंज में खोलो अग्निशमन केंद्र

भोरंज  – भोरंज उपमंडल में मांग के बावजूद अग्निशमन विभाग का उपकार्यालय नहीं खुल पाया है। पंद्रह साल से की जा रही इस मांग को न तो कांग्रेस और न ही भाजपा पूरा कर पाई है। इससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश और गहरा होता जा रहा है। भोरंज उपमंडल के तहत करीब तीन दर्जन पंचायतों में कहीं आग लग जाने पर 30 किलोमीटर दूर हमीरपुर से अग्निशमन केंद्र से फायर टेंडर बुलाने पड़ते हैं। इन गाडि़यों को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस कारण आग से काफी नुकसान हो चुका होता है और तब तक सब राख हो जाता है। अगर भोरंज में अग्निशमन केंद्र खुल जाए, तो क्षेत्र में अग्निकांड से होने वाले नुकसान को काफी कम किया जा सकता है। इस कारण क्षेत्र के लोग कई वर्षों से यहां केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं। हर वर्ष दर्जनों गौशालाएं, आशियाने और जंगल तबाह होकर आग की भेंट चढ़ते हैं और करोड़ों के नुकसान के बावजूद भी किसी की आंखें नहीं खुल रही हैं। राजनीती के वश होकर सभी अपनी रोटियां ही सेंकते हैं। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि उपमंडल में भूमि की कोई समस्या नहीं है और पिछले दिनों भोरंज में अग्निशमन केंद्र के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भी भोरंज में अग्निशमन केंद्र नहीं खुल पाया है। उपमंडल भोरंज में लंबे अरसे से अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग  है, परंतु कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। भोरंज उपमंडल में 33 पंचायतें हैं और यदि कहीं दूर-दराज की पंचायत में आगजनी की घटना घटती है, तो जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती है तब तक सब राख हो जाता है। भोरंज के पंचायत अमरोह, भुक्कड़, ककड़, हनोह, डाडु, पपलाह इत्यादि में यदि आगजनी की घटना हो तो यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब तक 30 से 40 किलोमीटर का सफर तय कर आगजनी घटना स्थल पर पहुंचती है तब-तक सब राख हो जाता है। भोरंज में हर वर्ष लगभग दो से तीन आशियाने, पांच-सात गोशालाएं जलकर राख हो जाती हैं। यही नहीं भोरंज के अंतर्गत आने वाले जंगलों में हनोह जंगल, त्रिलोकपुर जंगल, बुंगा जंगल, लाझ्यानी जंगल इत्यादि पड़ते हैं और यह जंगल गर्मियों के मौसम में अकसर सुलगते रहते हैं। जंगल में आग लगने से हर वर्ष लाखों रुपए की वन संपत्ति नष्ट हो रही है, जिसमें जंगली जानवरों सहित चील, आम, जंगली घास इत्यादि के पौधों को भी भारी नुकसान हो रहा है। कई बार तो आग इतनी भयानक हो जाती है कि रिहायशी इलाकों में पहुंच जाती है और आशियाने व गोशालाएं तक भी जल कर रख हो जाते हैं।  क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि शीघ्र-अतिशीघ्र भोरंज में अग्निशमन केंद्र खोला जाए, ताकि आगजनी की घटना में कोई भी परिवार बेघर न हो जाए।

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