मानवाधिकार आयोग फिर लौटेगा पटरी पर

 शिमला – हिमाचल में मानवाधिकारी आयोग फिर से जिंदा होने जा रहा है। पिछले 2005 से कार्य नहीं कर रहा इस आयोग को क्रियाशील बनाने के लिए जयराम सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है। प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही राज्य सरकार ने चेयरमैन सहित दो सदस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय  की गई है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में मानवाधिकार आयोग 14 वर्षों से काम नहीं कर रहा है। हालत यह है कि फरवरी, 2017 से राज्य में लोकायुक्त भी नहीं हैं। उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सरकार ने हरकत में आते हुए मानवाधिकार आयोग में नियुक्तियों को लेकर हरकत शुरू कर दी है। अध्यक्ष पद के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का किसी राज्य का मुख्य न्यायाधीश होना जरूरी है या फिर व्यक्ति सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो। आयोग के एक सदस्य पद के लिए जिला सत्र न्यायाधीश रहा होना अनिवार्य है। दूसरे सदस्य पद के लिए आवेदनकर्ता को मानवाधिकार मामलों का अनुभव होना चाहिए।

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