मिनर्वा स्कूल में ‘मूंछ वाले दादा हो हो…’

घुमारवीं –मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं में बुधवार को ग्रैंड पेरेंट्स-डे की धूम रही। समारोह में बच्चों के साथ उनके दादा-दादी व नाना-नानी ने मंच पर जमकर धमाल मचाया। बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर ग्रैंड पेरेंट्स का दिल जीत लिया।   मिनर्वा स्कूल की यूरो किड्स शाखा में कार्यक्रम का आयोजन कर बच्चों व उनके पेरेंट्स ने धूम मचाई। समारोह का शुभारंभ पाठशाला के प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने किया। मां सरस्वती की फोटो के सामने पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में नजर आए। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर गदगद होकर उपस्थित दादा-दादी व नाना-नानी भी अपने आप को झूमने से रोक नहीं सके। उपस्थित पेरेंट्स बच्चों सहित पंजाबी व पहाड़ी गानों पर थिरकने को मजबूर हो गए। बच्चों ने अपने ग्रैंड पेरेंट्स के स्वागत में पापा के पापा हमारे दादा व मां के पापा हमारे नाना गीत, नन्हे-मुन्हे बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है पर डांस करके सबका मन मोह लिया। यूरो सीनियर के बच्चों ने चाचा नेहरू का बच्चों से बहुत पुराना नाता, प्यारे दादा है सबसे अनमोल, मूंछ वाले दादा हो हो, वे तू लौंग वे मैं इलायची पर बच्चों ने नृत्य किया। स्किल में बच्चों ने यातायात के नियमों को दर्शाते हुए लघुनाटिका प्रस्तुत की। बेरौनिका ने मेरा भोला है भंडारी पर नृत्य किया। दिव्यम ने चाचा नेहरू की भूमिका अदा की। इस अवसर पर यूरो किड्स की प्रभारी आरती चंदेल सहित अन्य उपस्थित रहे।  इस अवसर पर राधिका के दादा राम लाल ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। दिव्यम के दादा सत्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में संस्कार बढ़ते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की प्रशंसा की। कनिष्का के दादा शिव शर्मा ने कहा बच्चों में पढ़ाई से पहले संस्कार होने चाहिए, ताकि बच्चे बड़ों का मान स मान करना सीखें। शनाया के दादा बीएस सांख्यान ने कहा कि संस्कृति और पार परिक स यता को आगे बढ़ाना चाहिए। शिल्पा के दादा राजेंद्र कौशल ने कहा स्कूल में पढ़ाई के साथ संस्करों को महत्त्व दिया जाता है।

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