री-थिंकिंग साइंटिफिक पर बांटी जानकारी

मेहरचंद महाजन कालेज में यूएसए के वैज्ञानिकों ने दिया विद्याथियों को व्याख्यान

चंडीगढ़ – मेहरचंद महाजन के पोस्ट ग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री ने री-थिंकिंग साइंटिफिक प्रेजेंटेशन दि असर्शन एविडेंस स्ट्रक्चर पर एक व्याख्यान आयोजित किया। यूएसए के पेंसिलविनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के कालेज ऑफ  इंजीनियरिंग के प्रोफेसर मिशेल एले इस प्रभावशाली वैज्ञानिक संप्रेषण पर वक्तव्य देने के लिए आमंत्रित थे। प्रोफेसर एले ने इस बात पर बल दिया कि समाज के कल्याण के लिए वैज्ञानिक संवाद का प्रभावशाली होना अनिवार्य है। अपने प्रेजेंटेशन में वैज्ञानिकों द्वारा की जाने वाली सामान्य भूलों पर चर्चा करते हुए प्रोफेसर एले ने कहा कि अपनी प्रस्तुति में टेक्स्ट की भरमार, छोटा फोंट, आकार एवं फालतू बातों का दोहराव आदि दर्शकों को बोरियत से भर देता है और उनकी समझ को भी बाधित करता है। असर्शन-एविडेंस मॉडल में प्रासंगिक उद्हरणों को रखना एक जरूरी शर्त है। उन्होंने छात्राओं को संदेशों पर अपने वक्तव्य को आधारित करने और प्रत्यक्ष देखने योग्य साक्षों द्वारा उन्हें पुष्ट करने की सलाह दी। छात्राओं एवं प्राध्यापिकाओं ने इस वक्तव्य से पूरा-पूरा लाभ उठाया। कालेज की प्रिंसीपल डा. निशा भार्गव ने इस तरह के वक्तव्यों को छात्राओं की शोध प्रस्तुति को अधिकाधिक प्रभावशाली एवं बोध-गम्य बनाने में सहायक माना। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्याख्यानों के माध्यम से कालेज नए विचारों एवं दृष्टिकोणों से अपनी छात्राओं को लाभान्वित करता है। 

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