लवी मेले में नशा-प्लास्टिक मुक्त का संकल्प

राज्यपाल दत्तात्रेय ने किया अंतरराष्ट्रीय उत्सव का शुभारंभ; बोले, पारंपरिक मेलों का संरक्षण जरूरी

रामपुर बुशहर – अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। सैकड़ों वर्ष पुराने लवी मेले के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दतात्रेय बतौर मुख्यतिथि पधार कर मेले का उद्घाटन किया। उपायुक्त एवं लवी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अमित कश्यप ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह, टोपी और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के शुभारंभ अवसर पर पूर्व ऊर्जा मंत्री विद्या स्टोक्स, रामपुर के विधायक नंदलाल, पीएस ध्रैक सहित अन्य नेता व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि मेले और उत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और यह जरूरी है कि पुरात्तन वैभव को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। लवी मेले का ऐतिहासिक महत्त्व है, जो न केवल व्यापारिक गतिविधियों, बल्कि पौराणिक परंपराओं के लिए भी विख्यात है। राज्यपाल ने कहा कि यह मेला भारत और तिब्बत के मध्य सदियों से प्रचलित एक महत्त्वपूर्ण व्यापारिक मेला है। यह प्रदेश की विरासत का एक अनूठा उदाहरण है। अगर हम हिमाचल को देवभूमि कहते हैं, तो यहां पर नशे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को प्लास्टिक मुक्त करने का वक्त आ गया है, जिसमें सभी अपना सहयोग दें। राज्यपाल ने मेले में किन्नौरी मार्केट और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। वहीं इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। सेना के जवानों द्वारा दी गई प्रस्तुति सराहनीय रही। वहीं मेला कमेटी के अध्यक्ष अमित कश्यप ने लोगों को संबोधित किया।

यकीन नहीं होता…आवाज में इतनी मिठास

हरि संधु एक ऐसी आवाज, जिसने रेडियो पर अपनी दमदार आवाज से समाचार बोलने में ऐसी महारत हासिल की कि लोग उनके कायल हो गए। लोग इंतजार करते थे कि कब हरि संधु समाचार बोलेंगे। समाचार पढ़ना संधु का शौक जरूर रहा है, लेकिन उनके दिल में कुछ और ही सागर हिलोरे ले रहा था। वह अच्छे गायक भी थे, लेकिन उनकी यह छिपी प्रतिभा दिल में ही दबी रह रही थी। फिर एक मौका ऐसा भी आया कि उन्होंने स्टेज पर अपनी दिलकश आवाज से सभी को चौंका दिया, वह वक्त था वर्ष 1970 का। उन्होंने पहला स्टेज शो समर फेस्टिवल में दिया। लोगों को को यकीन नहीं हुआ कि समाचार बोलेने वाले हरि संधु की आवाज में भी ऐसी मिठास होगी। उनकी यह स्टेज परफार्मेंस हिट रही। यह मौसम बड़ा बेईमान है इस गीत से वह स्टेज के बेहतरीन कलाकार बन गए। हरि संधु अमीन सयानी के जबरदस्त फेन रहे हैं।

हरि संधु की एंट्री सीटियों से गूंजा पंडाल

रामपुर बुशहर – अंतराष्ट्रीय लवी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हरि संधु के नाम रही। वहीं ठाकुरदास राठी और हेमंत शर्मा ने भी पहाड़ी गानों की धुनों पर खूब रंग जमाया। वहीं पहली संध्या के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज रहे। सबसे पहले मेला कमेटी के अध्यक्ष व डीसी शिमला अमित कश्यप व उपाध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने मुख्य अतिथि को टोपी व शॉल भेंटकर सम्मानित किया। पहली सांस्कृतिक संध्या की स्टार कलाकार हरि संधू का नाम जैसे ही मंच से लिया गया पूरा पंडाल सीटियोंं और तालियों से गूंज उठा। हरि संधु ने एक से बढ़कर एक हिंदी गानों की झड़ी लगाकर खूब वाहवाही लूटी। सबसे पहले रामपुर पब्लिक स्कूल नोगली के बच्चों ने अपना कार्यक्रम पेश किया। इसके पश्चात सांई विद्या पब्लिक स्कूल रामपुर, राजकीय कन्या विद्यालय रामपुर, प्राईमरी स्कूल थाचवा, रावामापा नोगली, प्राथमिक पाठशाला चाटी, कमला मैमोेरियल पब्लिक स्कूल रामपुर के बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शक दीर्घा में खूब सराहा गया। कार्यक्रम में श्यामलाल, मनोज कुमार, अरुण रसतोगी, बंसीलाल, जय प्रकाश, लेख राम पाल, सरिता, रोशनी, जितेंद्र चौहान, कमलेश कुमार, कामनी जिंटा, तारा कमल, राजू राम, मुनीश कुमार, चंद्र मोहन ठाकुर, देवता विष्णु कमेटी, पंकज राज वर्मा, हरीश, काकू चौहान, हंस राज, रविंद्र शर्मा, गोपाल कृष्ण भारद्वाज, जितेंद्र वर्मा, पवन शर्मा, अनिल सूर्यवंशी, सुरेद्र, राकेश व मास्टर साहिल ने प्रस्तुति दी। वहीं पहाड़ी कलाकार हेमंत शर्मा ने इंदरा डालिये, सच बोलू हां सुण बबली रूप सोणा बड़ा लवली, मेरे खाणी जलेबी गाने पेश कर खूब तालियां बटोरीं। पहली सांस्कृतिक संध्या की अंतिम प्रस्तुति पहाड़ी कलाकार ठाकुर दास राठी ने दी। राठी ने रोग इश्क दा, प्रमिला तेरी गांव लागा मेला, हो बांकी चंद्रा आदि गाने पेश कर दर्शको को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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