वायरल पत्रबम में बड़ा खुलासा…विपिन परमार की बदनामी के पीछे थे पूर्व मंत्री, रविंद्र रवि के इशारे पर हुआ था सारा खेल।

हिमाचल में सियाली भूचाल लाने वाले वायरल पत्रबम मामले में फोरेंसिक जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। और तो और इसके तहत पुलिस विभाग कांगड़ा की ओर से रिपोर्ट भी जारी की गई है। इसके अनुसार पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के कहने पर ही पत्र को वायरल होने की बात स्पष्ट रूप से सामने आई है। फोरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा होने के साथ ही टीम ने समस्त अहम सुराग व फोन की रिकार्डिंग और अन्य जरूरी डाटा भी प्राप्त कर लिया है। ऐसे में अब एक बार फिर प्रदेश सहित देश की राजनीति में बड़ा सियासी उबाल आएगा। बता दें कि वायरल पत्र में भाजपा के ही पूर्व मंत्री ने अपने ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परामार के खिलाफ एक पत्र वायरल किया था, जिसमें मंत्री के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वाली, ख्याति को क्षति पहुंचाने वाली और अपराधिक षड्यंत्र वाली सामग्री थी। ‘सर मैंने आपका आया मैसेज डिलीट कर दिया और फारवर्ड कर दिया है..कुछ ऐसे मैसेज के आधार पर पुलिस व फोरेंसिक टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जानकारी के अनुसार तीन सितंबर को दिलबाग सिंह परमार ने थाना भवारना में मनोज मसंद के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि फेसबुक पर मनोज के प्रोफाइल में स्वास्थय मंत्री विपिन सिंह परमार के खिलाफ सामग्री पढ़ी। इस संबंध में जब उन्होंने मनोज मंसद से पूछा, तो उन्होंने धमकी दी। इसके बाद मामले के खूब सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने गहनता से जांच करते हुए फोरेंसिक टीम की इसमें मदद ली, जिसमें पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि का मोबाइल भी कब्जे में लेकर जांच को भेजे गए। अब सभी पहलूओं को जांचने के बाद फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि रविंद्र रवि के कहने पर ही मनोज मंसद ने मैसेज वायरल किया है। इस संदर्भ में लैब में आरोपी के मोबाइल से सभी मैसेज और डाटा भी रिकवर कर प्राप्त कर लिया गया है। वहीं मामले में अब आगामी जांच की जा रही है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक कांगड़ा विमुक्त रंजन का कहना है कि रविंद्र रवि के मोबाईल से डाटा रिकवर कर लिया गया है, वहीं से मैसेज वायरल होना शुरू हुआ है।

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