शर्मसार इनसानियत

-रूप सिंह नेगी, सोलन

देश में इनसानियत का निरंतर गिरते देखा जाना हमें भयाक्रांत करता है, और इस में कितनी गिरावट आ सकती है इस का अंदाजा लगाना संभव नहीं। मंडी जिला के सरकाघाट क्षेत्र में हाल में हुए वृद्ध अबला महिला से तथाकथित डायन बता कर जो जुलमों सितम हुई होगी उसे ब्यां नहीं किया जा सकता। हम बेजान पत्थर की पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि हमें अंधविश्वास के अंधेरे में पत्थर में भगवान नजर आता है पर जिंदा इनसान हमें दिखाई नहीं देता है। कोई अप्रिय कदम उठाने से पहले असलियत की तह तक जाने के बजाय वाहियात अफवाहों को क्यों सच मान लेते है यह बात समझ में नहीं आती है। 

You might also like