सचिवालय में लें ताजा सब्जियां

 सचिवालय में बेचे जा सकेंगे महिलाओं के वेजिटेबल प्रोडक्ट, आउटलेट खुला

शिमला –अब प्रदेश सचिवालय मंे महिलाएं व विभिन्न सहायता समूह प्राकृतिक खेती से उगाए गए प्रोडक्ट आसानी से बेच पाएंगे। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचपीएसआरएलएम) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा उगाई जाने वाली जैविक सब्जियों के विक्रय के लिए मंगलवार को सचिवालय शिमला में विशेष आउटलेट खोला गया। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक ललित जैन ने बताया कि ये सब्जियां स्वयं सहायता समूह द्वारा प्राकृतिक तरीकों को अपना कर तैयार की गई हंै। उन्होंने कहा कि जिला शिमला के बसंतपुर खंड के गांव घैणी के हिमालय के नाम के तहत कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों के 30 सदस्यों द्वारा उगाई जा रही हैं। इन किसानों को प्राकृतिक खेती अभियान के तौर पर हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रशिक्षण गतिविधियों के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह उपज बिना कीटनाशकों के उपयोग और गाय के गोबर और गोमूत्र के साथ नीम आदि के उपयोग से तैयार की गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृषि विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इन समूहों को उच्च किस्म के बीज और अन्य कृषि उपकरण खरीदने के लिए पांच लाख रुपए तक की राशि प्रदान कर रहा है। इस समूह की चार महिलाओं को चिन्मया संगठन ग्रामीण विकास विभाग धर्मशाला द्वारा 10 दिनों के आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसे ग्रामीण विकास द्वारा पूरी तरह से प्रायोजित किया गया। सचिवालय में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खोली गई यह दुकान सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। सोमवार और गुरुवार को जैविक विधि द्वारा उगाई गई सब्जियां विक्रय की जाएंगी। जैविक सब्जियों की बिक्री के शुभारंभ के दिन ही महिलाओं ने 6.5 हजार रुपए की सब्जियां बेचीं। शून्य लागत खेती के निदेशक राकेश कंवर, कार्यक्रम प्रभारी लतिका सहजपाल, स्वयं सहायता समूह की सदस्य प्रोमिला देवी और सचिवालय के अनेक स्टाफ सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे।

You might also like