सुप्रीम कोर्ट का सराहनीय कदम

-रूप सिंह नेगी, सोलन

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कार्यालय को सूचना के अधिकार ‘आरटीआई’ एक्ट 2005 के दायरे में ला कर एक ऐतिहासिक फैसला किया है, जो एक सरहानीय कदम है। सरकार से अपेक्षा की जानी चाहिए कि राजनीतिक दलों को कारपोरेट से जो चंदा मिलता है उस में पारदर्शिता लाने के लिए और जो रियायतें उन चंदा देने वाले कारपोरेट जगत को सरकारें मुहैया कराती हैं, उसे भी सूचना के अधिकार यानी आरटीआई एक्ट 2005 के दायरे में लाएं ताकि  पर्दे के पीछे जो होता होगा उस की जानकारी जनता को मिल सके। सरकार को सूचना के अधिकार को और मजबूती प्रदान करनी चहिए।

 

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