सुस्ती के बीच रिजर्व बैंक दे सकता है राहत

नई दिल्ली – अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) आने वाले समय में रीपो रेट में और कटौती कर सकता है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरबीआई फरवरी 2020 तक रीपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती करेगा। वर्तमान में रीपो रेट 5.15 प्रतिशत फीसदी है, जो साल 2010 के बाद सबसे कम है। रिवर्स रीपो रेट अभी 4.90 फीसदी है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमरीका मेरिल लिंच की रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक दिसंबर में रीपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स और फरवरी में 15 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती करेगा। हालांकि महंगाई दर लगातार बढ़ती जा रही है, जिसको लेकर कुछ आर्थिक जानकार यह भी संभावना जता रहे हैं कि रिजर्व बैंक अब रीपो रेट में ज्यादा राहत नहीं देगा। अक्तूबर महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 4.62 फीसदी पर पहुंच गया है, जो पिछले 16 महीने में उच्चतम स्तर पर है। पिछले कुछ महीने से यह तेजी से बढ़ रहा है। जुलाई में यह 3.15 फीसदी, अगस्त में 3.28 फीसदी, सितंबर में 3.99 फीसदी और अक्तूबर में यह 4.62 फीसदी तक पहुंच गया है। रिजर्व बैंक ने सीपीआई टारगेट चार फीसदी के करीब रखा है। कुछ आर्थिक जानकारों का यह भी कहना है कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में कम महंगाई दर के कारण आरबीआई लगातार रीपो रेट घटा रहा था, लेकिन दूसरी छमाही में स्थिति में सुधार हुआ है और अक्तूबर में महंगाई दर तो रिजर्व बैंक की उम्मीद को भी पार कर गया। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबित वित्त वर्ष 2020 में रीटेल महंगाई दर चार फीसदी के करीब होगी। ऐसे में अगले महीने आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक का इंतजार करना होगा।  इस बीच नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं से बाजार में तेजी दिखी और सेंसेक्स 170 अंक से अधिक की तेजी के साथ 40286.48 अंक पर बंद हुआ।

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