स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश करने को विभाग ने सजाए मॉडल

इन्वेस्टर्स मीट में स्टाल पर निवेशकों को प्रदेश सरकार की योजनाओं पर बांटी जा रही जानकारी  बिलासपुर एम्स का मॉडल आकर्षण का केंद्र  डेढ़ करोड़ से अधिक लोन पर तीन साल पांच प्रतिशत ब्याज  स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश करने पर इन्वेस्टर्स को सरकारी देगी राहत

धर्मशाला –प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए धर्मशाला पुलिस मैदान में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निवेशकाें का रुझान आकर्षित करने को स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रदर्शनी लगाई है। इस प्रदर्शनी में निवेशकों को पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में आने वाले निवेशकांे को प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही विभिन्न योजनाआंे की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से हिमाचल के बिलासपुर के कोठीपुरा में निर्मित होने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मॉडल को प्रदर्शित किया गया है। वहीं, स्टाल पर मौजूद अधिकारियांे द्वारा हिमाचल में मल्टी स्पेशियलिटी तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को निर्मित तथा संचालित करने के लिए प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य मंे सहभागिता योजना की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।  पुलिस मैदान में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में निवेशकांे को विभिन्न क्षेत्रांे में इन्वेस्ट करने को लेकर विभागीय आला अधिकारियांे द्वारा पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में स्वास्थ्य में सहभागिता योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रांे में स्वास्थ्य सेवाआंे को बेहतर बनाने के लिए विशेष रूप से प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने के लिए भवन, मशीनरी और उपकरणांे के लिए दो करोड़ रुपए निवेश करने पर 25 प्रतिशत पूंजी अनुदान के रूप में दी जाएगी। इतना ही नहीं, डेढ़ करोड़ रुपए की अधिकतम ऋण राशि पर तीन साल के लिए पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है। यह अस्पताल किसी भी जोनल, क्षेत्रीय अथवा योजना के हत खुले निजी अस्पताल के दस किलोमीटर के रेडियस के बाहर खोले जाएंगे। 

निवेश पर 25 प्रतिशत पंूजी का अनुदान

योजना के अनुसार  सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने पर निवेशक को भवन, मशीनरी और उपकरण के लिए पांच करोड़ रुपए के निवेश पर 25 प्रतिशत पंूजी अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा तीन करोड़ रुपए की अधिकतम ऋण राशि पर तीन साल के पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान दिया जाता है। प्रदेश मंे किसी भी क्षेत्र में इस अस्पताल को खोलने के अनुदान राशि के लिए निवेशक पात्र हांेगे।  इसके अलावा अस्पतालों मंे लैब अथवा सीटी स्कैन, एक्स-रे व एमआरआई सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पीपीपी मोड़ पर भी निवेशक आ सकते हैं। 

2021 में पूरा होगा एम्स का काम

बिलासपुर के कोठीपुरा में 247 एकड़ भूमि पर निर्माणाधीन एम्स का कार्य सितंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुपर स्पेशियलिटी सेवाआंे सहित 750 बिस्तर वाले इस कालेज में एमबीबीएस की 100 सीटंे हांेगी। इसके अलावा पीजी, स्पेशियलिटी व सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी यहां करवाए जाएंगे। एम्स से प्रतिवर्ष 100 चिकित्सक निकलेंगे, वहीं नर्सिंग की भी 60 सीटंे रखी गई हैं। अति आधुनिक सुविधाआंे से सुसज्जित एम्स में आयुष सुविधाआंे को भी उपलब्ध करवाएगा।

सरकार से मिल रहे लाभ बताए

प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डा. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रांे में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने को लेकर निजी क्षेत्र की सहभागिता बढ़ाने को स्वास्थ्य में सहभागिता योजना को शुरू किया गया है। विभाग द्वारा निवेशकांे को योजना की पूरी जानकारी तथा इसमें इन्वेस्टर करने के दौरान सरकार से मिलने वाले लाभांे के बारे भी बताया जा रहा है। 

 

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