आंगनबाड़ी कर्मचारियों को किया सम्मानित

कुल्लू – गर्भवती महिलाओं से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ उठाकर अपने तथा आने वाले शिशु के जीवन को स्वस्थ बनाने की अपील की है। उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने बताया कि रविवार को मातृ वंदना सप्ताह के समापन अवसर पर यहां आउटर सिराज भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि गर्भवती महिलाओं तथा आने वाले शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के मद्देनजर सरकार ने यह महत्त्वपूर्ण योजना आरंभ की है।  उन्होंने कहा कि बच्चे के स्वस्थ जीवन के लिए उसकी मां का भी स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए गर्भावस्था से ही विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना इसी उद्देश्य से आरंभ की गई है। इस योजना के तहत महिला को 5000 रुपए की धनराशि गर्भावस्था से लेकर शिशु के टीकाकरण तक तीन किश्तों में दी जाती है, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सेहतमंद रहें। उपायुक्त ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव आते हैं तथा उसे अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती। कई बार आम दिनचर्या की व्यस्तता के कारण गर्भवती महिलाएं अपने आहार का ध्यान नहीं रख पाती हैं और अक्सर कुपोषण का शिकार हो जाती हैं। उपायुक्त ने कहा कि कुल्लू जिला में कुपोषण एवं एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला में आम लोगों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विशेषज्ञों की मदद से एक आदर्श डाइट चार्ट तैयार किया जाएगा तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस चार्ट में पारंपरिक खाद्य वस्तुएं और व्यंजन भी शामिल किए जाएंगे। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सराहनीय कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कर्मचारियों और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। सीडीपीओ कार्यालय आनी को सर्वश्रेष्ठ परियोजना पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ वृत्त का पुरस्कार आनी की कमांद वृत को मिला, जबकि रायसन द्वितीय और बंजार की न्यूली वृत्त को तृतीय पुरस्कार दिया गया। जिला की पांचों बाल विकास परियोजनाओं में प्रत्येक परियोजना स्तर पर पहले तीन स्थानों पर रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की आंगनबाड़ी कर्मचारियों को भी उपायुक्त ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

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