एक और अध्यादेश लाएगी सरकार

इस बार नहीं आएगा इम्प्लीमेंटेशन प्रोमोशन अथारिटी पर बिल

शिमला – राज्य में इम्प्लीमेंटेशन प्रोमोशन अथारिटी (आईपीए) के गठन को नियमों का पुलिंदा तो तैयार है, मगर सरकार इस विधानसभा सत्र में इसका विधेयक नहीं ला पाएगी। इसके पीछे कुछ कारण हैं, लिहाजा सरकार ने निर्णय लिया है कि इस सत्र के बाद अध्यादेश लाया जाएगा और फिर विधानसभा के बजट सत्र में इस पर विधेयक पेश करेंगे। तब साथ ही इसका वार्षिक बजट भी पारित हो जाएगा, जिसे अलग से बजट में शामिल करेंगे। इम्पलीमेंटेशन प्रमोशन अथारिटी  राज्य में निवेश को बढ़ाने का काम करेगी। सरकारी विभागों से अलग यह अथारिटी अपना काम करेगी, जिसके पास कई अधिकार होंगे। सबसे अहम है कि एनओसी तक देने की शक्तियां इसके पास रहेंगी, जिससे दूसरे विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके साथ नियमों में यह भी है कि अथारिटी का वार्षिक बजट पारित होगा, लिहाजा बार-बार किसी काम के  लिए इसे वित्त विभाग की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। अमूमन  वित्त विभाग की मंजूरियां लेनी पड़ती हैं। सूत्रों के अनुसार इस अथारिटी का सीईओ कोई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बनाया जाएगा, जिनके साथ दूसरे अधिकारी होंगे, वहीं अलग-अलग सेक्टर के सेक्टोरल विशेषज्ञों को यहां पर तैनाती दी जाएगी। इन विशेषज्ञों की सहायता से अलग-अलग क्षेत्रों के निवेशकों से बातचीत आगे बढ़ेगी। यह विशेषज्ञ देखेंगे कि प्रदेश में किस क्षेत्र में कौन से उद्योगों की जरूरत है और किस तरह से निवेश यहां पर हो सकता है। निवेशकों के साथ प्रदेश की नीतियों पर चर्चा और उनको यहां की ओर रिझाने का पूरा काम इसी अथारिटी का होगा। यही अथारिटी जमीन भी देखेगी और एनओसी दे उद्योगों को बसाएगी भी।

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