एनएच-5 पर फिर बड़ा संकट

रामपुर बुशहर – डकोलढ़ फिर भू-स्खलन की चपेट में है, जिससे सात वर्ष बाद एक बार फिर एनएच-पांच खतरे की जद में चला गया है। वहीं प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर भारी वाहनों की आवाजाही पर यहां से रोक लगा दी है। बताते चलें कि इस संवेदनशील प्वाइंट पर एनएच विभाग द्वारा तीन करोड़ की लागत से डंगा लगाया जा रहा है। इस डंगे का कार्य जैसे ही यहां पर शुरू हुआ वैसे ही यहां पर भू-स्खलन की स्थिति पैदा हो गई है, जिसका मुख्य कारण यहां जमीन के भीतर पानी का रिसाव माना जा रहा है। जैसे ही यहां पर ठेकेदार द्वारा नीव बनाई गई वैसे ही पीछे का हिस्सा गिर गया। ऐसे में यहां पर काम करना जोखिम भरा है। वहीं इस बात का भी अंदेशा बना हुआ है कि भविष्य में अगर यहां पर डंगा लगता है, तो वह टिकेगा भी या नहीं। बताते चलें कि करीब सात साल पहले यहां पर सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी, जिसके बाद से कई परिवार लंबे समय से खतरे की जद में रहने को मजबूर थे और सड़क भी संकरी होने से रामपुर तक जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। बजट मुहैया होने की खबर के बाद से डकोलढ़वासियों ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन बुधवार मध्य रात्रि को जोरदार आवाज ने डकोलढ़ वासियों को जगा दिया। अब इस सड़क के बिलकुल साथ में सटे हुए मकान में रहने वालों की नींदे उड़ी हुई है। अगर भू-स्खलन बढ़ता है, तो निश्चित तौर से जहां एनएच 5 पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी वहीं साथ लगते घरों पर भी खतरा मंडराने लग जाएगा। ऐसे में फिलहाल स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। मौके की स्थिति ये है कि सड़क पर दरारें बढ़ती जा रही है। भू स्खलन वाले प्वाइंट पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। जिस तरह भू-स्खलन वाले प्वाइंट की स्थिति है उसे देखते हुए यहां पर जल्द दीवार लगाना नामुमकिन है। ऐसे में दिन भर एनएच विभाग के आला अधिकारी यहां पर भू-स्खलन को रोकने का विकल्प ढूढंते रहे।

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