ऑनलाइन दवाएं खरीदने में भी हिमाचलवासी आगे

सालाना एक करोड़ की खरीददारी, फार्मेसी काउंसिल ने दिए चैकिंग के आदेश

शिमला-जूते, कपड़े खरीदने में ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन दवाइयां खरीदने में भी हिमाचल पीछे नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से हिमाचल एक करोड़ की दवा खा जाता है। यह हर वर्ष का रिकार्ड है, जिसमें कई बीमारियों को लेकर हिमाचलियों द्वारा दवाएं खरीदी जा रही हैं। बहरहाल अभी मेडिसिन ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर लगाई गई रोक के बाद अब प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने भी प्रदेश में दवाआें खरीदारी को लेकर चैक रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश की ओर से भी कोर्ट में ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर एक शपथपत्र दायर किया गया था, जिसमें प्रदेश फार्मेसी काउंसिल की ओर से प्रदेश सरकार को सौंपे गए शपथपत्र में लिखा गया है कि ऑनलाइन शॉपिंग के क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं। फिलहाल प्रदेश में ऑनलाइन शॉपिंग की तस्वीर पर गौर करें तो राज्य में सबसे ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग उच्च तबके द्वारा की जा रही है, जिसमें डाक्टर से पर्ची लिखवाकर उसे कंपनी को भेज दिया जाता है और वह उन दवाआें को भेजता है। प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने साफ किया है कि दवा खरीदारी में फार्मासिस्ट का कोई सहयोग ही नहीं बताया गया है। इसमें एक कॉमन सेल्ज कर्मचारी दवा खरीदारी में काम करता है, जो मेडिसिन एक्ट के तहत नहीं किया जा सकता। ऑनलाइन शॉपिंग में दवा खरीदारी को लेकर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी दो कंपनियों को नोटिस जारी किया है। उधर, प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने भी प्रदेश सरकार को लिखा है कि ऑनलाइन शापिंग को लेकर जनता को भी जागरूक करना जरूरी है।

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