ओडिशा में योग सिखा रही हिमाचली बेटी

छह विश्व कीर्तिमान बना चुकी हैं रामपुर की कौशल्या, महिला सशक्तिकरण की हैं ब्रांड एंबेसडर

कांगड़ा – हौसले बुलंद हों तो बाधाएं रुकावट नहीं बनती। यह कहावत हिमाचली बेटी ने सच कर दी है। हिमाचल में योग का झंडा बुलंद करने के बाद वह अन्य राज्यों में हिमाचल का नाम रोशन कर रही हैं। हिमाचल के गांव गानवी 15/20 रामपुर की कौशल्या ओडिशा में वर्ल्ड एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में योग सिखा रही हैं। हिमालय हरिद्वार अस्पताल योग समिति के योग गुरु रणजीत सिंह के सानिध्य में कौशल्या योग में छह विश्व कीर्तिमान बना चुकी हैं। वह महिला सशक्तिकरण की ब्रांड एंबेसेडर भी हैं। कौशल्या के पिता कमल मेहता किसान और माता गृहिणी हैं। उन्होंने 12वीं की शिक्षा गानवी स्कूल से प्राप्त की है। इसके बाद स्नातक गोविंद वल्लभ पंत महाविद्यालय रामपुर से की। कालेज के प्रथम वर्ष में योग सीखने का अवसर रामपुर के सत्यनारायण मंदिर में प्राप्त हुआ। उन्होंने योग अभ्यास योग समिति गानवी केंद्र में जाकर शुरू किया, जिसके लिए कौशल्या को तीन से चार किलोमीटर का सफर तय करके प्रातः चार बजे आना पड़ता था। यह बात वर्ष 2016-17 की है। अभ्यास में निपुण होने पर जून, 2017 में पश्चिमोत्तान आसन में एक घंटे 28 मिन्ट का विश्व कीर्तिमान बनाया। 2018 में दो विश्व कीर्तिमान योग मुद्रा आसन में व चक्र दंड 1000 लगाकर विश्व की प्रथम बेटी बन गई। फरवरी, 2019 में जयपुर में अपना ही रिकार्ड तोड़कर 5000 चक्रासन दंड लगाए और पूरे राजस्थान को योग के करतव से आश्चर्यचकित कर दिया। जून, 2019 में कांगड़ा में त्रिगर्त दिव्य योग केंद्र के सानिध्य में हनुमान आसन व वक आसन में दो वर्ल्ड रिकार्ड बनाए। छह विश्वकीर्तिमान बना चुकी कौशल्या हिमाचल की पहली बेटी है, जिसे ‘भारत योग अवार्ड’, ‘शान-ए-भारत’ पुरस्कार, ‘राज्य नारी शक्ति पुरस्कार’ मिल चुके हैं। कौशल्या अब ओडिशा में योग में एमए कर रही है।

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