किसान मेले लगाएगी प्रदेश सरकार

बिलासपुर-हिमाचल में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक लक्ष्य के तहत कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से किसानों को जोड़ने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन कर बाकायदा ट्रेंड भी किया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश भर में किसान मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत बिलासपुर जिला में 15 या 16 दिसंबर को किसान मेले का आयोजन करने की योजना है। जल्द ही शेड्यूल तय कर लिया जाएगा। किसान मेले में केवल उन्हीं किसानों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने ट्रेनिंग ली है और प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। निर्धारित समयावधि तक लक्ष्य हासिल करने के लिए कृषि अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह खुलासा रविवार को यहां परिधि गृह में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की रिव्यू मीटिंग के बाद कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने किया है। शिमला से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए धर्मशाला जाते वक्त कुछ समय के लिए कृषि मंत्री बिलासपुर में रुके थे। रिव्यू मीटिंग में सहायक आयुक्त उपायुक्त सिद्धार्थ आचार्य, जिला कृषि अधिकारी डा. देवेंद्र सांख्यान, आतमा के परियोजना निदेशक डा. रवि शर्मा, डिप्टी परियोजना निदेशक डा. देशराज शर्मा, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (जायका) शशि शर्मा, सदर ब्लॉक के सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट डा. राजेंद्र कुमार, घुमारवीं रवि शर्मा व झंडूता के अशोक चंदेल के अलावा मार्केटिंग बोर्ड बिलासपुर के सचिव राघव सूद इत्यादि ने भाग लिया। श्री मार्कंडेय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है जिसके अब सुखद परिणाम भी सामने आने लगे हैं। प्रदेश के किसानों ने अब बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को अपनाना शुरू कर दिया है, जो कि हिमाचल प्रदेश के किसानों की आय को दोगुना करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में किसानों ने प्राकृतिक खेती में नए आयाम स्थापित किए हैं। किसान मेला में किसानों की समस्याओं को  सुलझाने के लिए बाकायदा विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं रिव्यू मीटिंग में कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने मार्केटिंग बोर्ड बिलासपुर के सचिव राघव सूद से भी बातचीत की। इस दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि जल्द ही सरकार नया बिल ला रही है, जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।

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