ग्लेशियर गिरा, रोहतांग दर्रा फिर बंद

बीआरओ जवानों की मेहनत पर फिरा पानी, लाहुल के लोगों की चिंता बढ़ी

मनाली-विश्व पटल में प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे के समीप राहनीनाला में रविवार को ग्लेशियर गिरने से दर्रा एक बार फिर बंद हो गया। बीआरओ ने जहां शनिवार देर शाम को ही रोहतांग दर्रे को बहाल किया था, वहीं रविवार सुबह ही रोहतांग दर्रे के समीप राहनीनाला में ग्लेशियर गिरने से दर्रे को एक बार फिर बंद कर दिया गया। बता दें कि सीमा सड़क संगठन के जवानों ने गत दो माह में रोहतांग दर्रे को पांचवीं बार बहाल किया था। ऐसे में रविवार दोपहर बाद जहां रोहतांग दर्रे से वाहनों की आवाजाही शुरू की जानी थी, वहीं राहनीनाला में गिरे ग्लेशियर ने बीआरओ की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालांकि बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि ग्लेशियर के मलबे को हटाने का काम रविवार को ही शुरू कर दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को दर्रे पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। उधर,  बीआरओ के कमांडर कर्नल उमाशंकर का कहना है कि बीआरओ ने शनिवार देर शाम रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया था। रविवार सुबह ही दर्रे के समीप राहनीनाला में ग्लेशियर का मलबा गिरने से रोहतांग दर्रा एक बार फिर बंद हो गया है। मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

18 लोगों ने माइनस डिग्री तापमान में पार किया दर्रा

कुल्लू। माइनस डिग्री में लाहुल के 18 लोंगों ने रोहतांग दर्रा को पैदल पार किया। इसमें एक महिला भी बताई जा रही है। हालांकि मनाली से उन्होंने जिप्सी मंगवाई थी, लेकिन गुलाबा से आगे वाहनों को नहीं जाने देने के कारण राहलाफाल से उतरकर कोठी तक उन्हें पैदल चलना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद वे मनाली पहुंच पाए। बचाव चौकी के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि रेस्क्यू पोस्ट स्थापित होने के बाद रविवार को 18 लोगों की एक टीम को बचाव दल की मदद से  दर्रा पार कर मनाली पहुंचाया गया है।

 

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