त्रियुगी नारायण ने बांधा रक्षा सूत्र

स्वर्ग प्रवास को निकले देवता ने हारियानों को घर-घर जाकर दिया आशीर्वाद, भक्तों की भीड़ उमड़ी

भुंतर – जिला कुल्लू की दियार घाटी के अराध्य देवता त्रियुगी नारायण स्वर्ग प्रवास के लिए चले गए हैं। देवता ने स्वर्ग प्रवास के लिए जाने से पूर्व हारियानों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान देवता ने गांव में सुरक्षा सूत्र भी बांधा। रविवार को दियार स्थित देवालय में विशेष कार्यक्त्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सभी कारकूनों और हारियानों ने भाग लिया। देवता के हारियानों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और तो हारियान भी दर्शनों के मंदिर में पहुंचे। देवता ने इसके पूरे गांव की परिक्त्रमा की और हारियानों को घर-घर जाकर आशीर्वाद दिया। इस दौरान धूप पीने की रस्म को भी पूरा किया गया। कारकूनों व हारियानों से मिली जानकारी के अनुसार इससे पूर्व गत देर रात को भी यहां पर देव गतिविधियों को निभाया गया। इसके तहत सैंकड़ों हारियानों ने मशालें जलाकर मंदिर की परिक्त्रमा की और विशाल जागरा जलाया गया। वहीं देव नृत्य भी विशेष कारकूनों ने किया। रविवार को देवता के हारियान क्षेत्र के हर परिवार के सदस्यों ने इस दौरान दियार में पहुंच देव दरबार में हाजिरी भरी जो देर शाम तक जारी रही। देवता ने गांव को बूरी शक्तियों के प्रभाव से बचाने के लिए सुरक्षा सूत्र बांधा। देवता के मंदिर समिति के प्रधान राजन शर्मा और अन्य कारकूनों के अनुसार देवता हर साल स्वर्ग प्रवास के लिए जाने से पहले हारियानों को आशीर्वाद देता है और गांव को सुरक्षित करता है। बता दें कि देवता देवशयनी एकादशी को क्षीर सागर में निवास करते हैं और चतुर्मास का समय पूरा करने के बाद अब मोक्षदायिनी को रवाना होते हैं। पोष संक्रांति के आरंभ होने के बाद जिला भर के देवता स्वर्ग प्रवास को निकल रहे हैं। इसी कड़ी में अब देवता त्रियुगी नारायण भी प्रवास को निकले हैं। देवता के स्वर्ग प्रवास आरंभ होने के बाद अब देवता के कपाट बंद होंगे और फाल्गुन संक्रांति को प्रवास समाप्त होने के बाद देव दरवार में भारथा सुनाई जाएगी । उन्होंने बताया कि रविवार को दैविक विधियों के अनुसार कार्यक्त्रम को पूरा किया गया।

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