धरने पर डटे अभ्यर्थियों को बुखार

दस दिन से ओटीआर को लेकर डटे हुए हैं बेरोजगार, सोशल मीडिया के चेयरमैन ने दी दवाइयां

हमीरपुर – वन टाइम रिलेक्सेशन के लिए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के बाहर दस दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थी बीमार पड़ना शुरू हो गए हैं। जंगल के बीच कंपकंपाती ठंड के कारण ये लोग सर्दी, जुकाम सहित बुखार की चपेट में आ गए हैं। हालांकि बीमारी की हालत में भी ये लोग अपने हक की लड़ाई नहीं छोड़ रहे। आलम यह है कि बीमारी की हालत में इन्हें सोशल मीडिया चेयरमैन प्रदेश कांग्रेस अभिषेक राणा की तरफ से दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं। मेडिसिन किट में बुखार, जुकाम सहित अन्य दवाइयां शामिल हैं। इन दवाइयों का सेवन करके ये लोग शांतिपूर्वक धरने का संचालन कर रहे हैं। धरने पर बैठे अभ्यर्थी प्रदेश सरकार से लगातार ओटीआर मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। हालांकि हमीर उत्सव के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री का काफिला इन अभ्यर्थियों के शांतिपर्वूक धरने के पास से होकर गुजर गया, लेकिन इनकी बात नहीं सुनी गई। इन युवाओं को इस बात का भी मलाल है। जाहिर है कि जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) पोस्ट कोड-556 के करीब 2400 अभ्यर्थियों को आर एंड पी रूल्ज का हवाला देकर नौकरी से वंचित किया गया है। इनमें हायर एजुकेशन व सोसायटी सहित आईटीआई से डिप्लोमाधारक शामिल हैं। हालांकि इससे पहले इन पदों पर इस क्वालिफिकेशन के युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं। धरने पर बैठे युवाओं दीप कुमार, गुड्डू, सुनी कुमार व रविकांत का कहना है कि सरकार उनके  भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। हाई कोर्ट ने 2400 युवाओं के भविष्य का फैसला प्रदेश सरकार पर छोड़ा है। सरकार चाहे तो बचे हुए 500 से अधिक पदों पर इन्हें ओटीआर प्रदान कर सकती है। पिछले लंबे अरसें से ओटीआर की मांग की जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार इनकी कोई बात नहीं सुन रही। आखिरकार कर्मचारी चयन आयोग के बाहर पोस्ट कोड-556 के रिजेक्टेड अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन शांतिपर्वूक धरने पर बैठ गए हैं। पिछले दस दिनों से यह धरना-प्रदर्शन जारी है।

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