नगरोटा में आठ मरले से कम में नहीं बनेगा मकान

नगरोटा बगवां  – नगरोटा बगवां में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियम लागू होने से कोई भी बाहरी व्यक्ति आठ मरले से कम भूमि में अपना रिहायशी या व्यावसायिक निर्माण नहीं कर पाएगा। हालांकि बीपीएल परिवारों तथा स्थानीय लोगों को इसमें राहत दी गई है। इसी के साथ अब शहरी क्षेत्र में कोई भी भवन 21 मीटर की ऊंचाई को नहीं लांघ सकेगा। यह खुलासा शहर और देश योजना विभाग की योजना अधिकारी चित्रलेखा कपूर ने गुरुवार को नगरोटा बगवां नगर परिषद के अधिकरियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक में किया। उन्होंने बताया कि नगरोटा बगवां में अब टीसीपी नियमों के तहत ही निर्माण योजना अमल में लाई जा सकेगी। उन्होंने योजना के तहत नियमों का खुलासा करते हुए बताया कि नए निर्माण की अधिकतम ऊंचाई भवन तक जाने वाले रास्ते की चौड़ाई पर निर्भर होगी तथा 10 मीटर की ऊंचाई तक निर्माण के लिए तीन मीटर रास्ते की व्यवस्था होना अनिवार्य है। अधिकतम 21 मीटर ऊंचा भवन बनाने के लिए पांच मीटर चौड़े रास्ते की व्यवस्था पहले करनी होगी। हर निर्माण के चारों ओर क्षेत्रफल के अनुपात में खाली स्थान छोड़ने को अब अनिवार्य बनाया जाएगा, वहीं क्षेत्र में अपनी जमीन का कोई भी हिस्सा बेचने के लिए टीसीपी नियमों के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा, अन्यथा राजस्व विभाग द्वारा रजिस्ट्री करना असंभव होगा। इतना ही नहीं, उपमंडल में 2500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर अब निर्माण करने पर टीसीपी नियम स्वतः ही लागू हो जाएंगे तथा उस क्षेत्र को डीम्ड प्लानिंग क्षेत्र माना जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि 100 वर्ग मीटर प्लॉट पर सभी तलों को मिलाकर केवल 175 वर्ग मीटर निर्माण ही वैध होगा तथा नियमों का उल्लंघन करने या निर्धारित अनुमोदित निर्माण से आगे बढ़ने पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है, जिसमें निर्माण को गिराना भी शामिल बताया। बैठक में सहायक नगर प्लानर रसिक शर्मा, अभियंता पुनीत पाल, ड्राफ्ट्समैन किशोर और वास्तुकार आशीष शर्मा के अतिरिक्त नगर पार्षद मौजूद रहे। जानकारी है कि यहां नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 के प्रावधानों को लागू करने का यही मकसद है कि क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके। विभाग ने फिलवक्त योजना को लागू करने की तमाम शक्तियां नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी हैं ।

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