नाहन की साक्षी बीएससी नर्सिंग में टॉपर

नाहन – भले ही एक डाक्टर के रूप में मैं मरीजों की सेवा करने के मिशन में सफल नहीं हो पाई थी, परंतु एक नर्स के रूप में मरीज के सबसे करीब का रिश्ता निभाने में जरूर सफल हो जाउंगी। यह बात हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा बीएससी नर्सिंग अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम में प्रदेश भर में प्रथम स्थान पर रही नाहन की बेटी साक्षी शर्मा ने कही है। प्रदेश भर में पहला स्थान अर्जित करने वाली साक्षी शर्मा का कहना है कि एक नर्स के रूप में सेवा के लिए नर्सिंग का व्यवसाय सबसे बेहतरीन है। एमबीबीएस की पढ़ाई का लक्ष्य जमा दो की पढ़ाई के दौरान साक्षी शर्मा ने मन में रखा था तथा इसकी बाकायदा तैयारियां कर परीक्षा भी दी, परंतु यह परीक्षा बाद में रद्द कर दी गई थी जिसके चलते साक्षी शर्मा ने भविष्य के लिए मेडिकल के क्षेत्र में विभाग की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले नर्सिंग के व्यवसाय को अपना करियर चुना। शिमला नर्सिंग कालेज में साक्षी शर्मा ने बीएससी नर्सिंग में प्रवेश लेकर पहले ही वर्ष बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष में ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की टॉपर बनने का सेहरा अपने सिर बांधा। हाल ही में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा घोषित बीएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष के परिणाम में नाहन की बेटी साक्षी शर्मा ने 83.25 प्रतिशत अंक लेकर राज्य भर में पहला स्थान हासिल किया है। नाहन के रानी का बाग निवासी नरेश शर्मा व कुसुम शर्मा की बेटी साक्षी शर्मा स्वास्थ्य विभाग में अपनी माता के कार्य से बेहद प्रभावित रही। साक्षी शर्मा की माता कुसुम शर्मा स्वास्थ्य विभाग से बतौर हेल्थ सुपरवाइजर सेवानिवृत्त हुई है। नाहन के कॉर्मल व कैरियर अकादमी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद साक्षी शर्मा ने जमा दो की पढ़ाई के बाद बीएससी नर्सिंग में शिमला स्थित शिमला नर्सिंग कालेज में दाखिला लिया। साक्षी शर्मा ने पहले वर्ष से ही विश्वविद्यालय की मेधावी छात्राओं में अपना नाम दर्ज कर लिया था। साक्षी शर्मा ने बताया कि नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य कर वह गरीब व बीमार लोगों की अधिक सेवा कर सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में नर्सिंग का व्यवसाय एक सेवा का व्यवसाय है तथा इसमें रोगी का पहला संपर्क उपचार के दौरान नर्सिज से होता है। साक्षी शर्मा के पिता नरेश शर्मा व माता कुसुम शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल कर न केवल परिवार का गौरव बढ़ाया है, अपितु जिला सिरमौर का नाम भी रोशन किया है।

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