प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए गुरुजी आएं आगे

कैथल –स्वच्छ भारत मिशन व स्टेट टॉस्क फोर्स के वॉयस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कहा है कि देश व प्रदेश को स्वच्छता के साथ-साथ प्लास्टिक मुक्त व जल संचय के लिए प्रेरित करने के लिए शिक्षक वर्ग अग्रदूत बनें। इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी भी आंदोलन को सफलता मिली है तो उसके पीछे शिक्षक वर्ग का विशेष योगदान रहा है। सुभाष चंद्र जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में जिला भर के स्कूल प्रमुखों के लिए आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल प्रमुखों सहित जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी भाग लिया। सुभाष चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वच्छता पोलिथीन फ्री हरियाणा तथा जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाने के दृष्टिगत यह अभियान चलाया है, जिसके तहत पहली बार स्कूलों के सभी प्रिंसीपल के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इससे पहले रोहतक व भिवानी में भी इन तीनों मुद्दों पर शिक्षक वर्ग को जोड़ने के उद्देश्य से कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में एक सामाजिक दायित्व का भाव भी अपने मन में लाएं तो हम इस मिशन से पूरे जुनून से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत एक संकल्प दिलवाकर की, जिसमें उन्होंने बच्चों से लगवाए जाने वाला नारा स्कूल प्रमुखों से लगवाया, जिसमें प्रदेश को स्वच्छ कौन करेगा के बाद स्कूल प्रमुखों ने उद्घोष किया कि हम करेंगे-हम करेंगे। वॉयस चेयरमैन ने कैथल के रामगढ़ पांडवा के आरोही स्कूल को स्वच्छता में देशभर में प्रथम स्थान मिलने पर भी जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग को साधुवाद दिया और कहा कि यहां पहुंचे हुए स्कूल हैड इस संकल्प के साथ इस कार्यशाला से रुखस्त होंगे कि आने वाले समय में स्वच्छता, प्लास्टिक फ्री या फिर जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर अव्वल बनेगा। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि स्कूल प्रमुख अपने-अपने विद्यालयों में जाकर इन तीन मुद्दों के लिए छात्रों की कमेटी गठित करें जो अलग-अलग से स्वच्छता अभियान के साथ-साथ प्लास्टिक फ्री और जल संचय के कार्य को देखें। उन्होंने कहा कि स्कूल के तीन अध्यापकों को इन कमेटियोंं का नोडल अधिकारी लगाया जाए, ताकि अधिक से अधिक समय बच्चों के साथ जुड़ाव रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग सम्मानित वर्ग है और समाज का भरोसेमंद पात्र माना जाता है।  उन्होंने कहा कि कमेटियां व उनके नोडल अधिकारी कार्य दिवसों के अलावा रविवार व छुट्टी के दिन भी करीब दो घंटे उनके लिए कार्यशाला आयोजित करें और जागरूकता फैलाने के लिए उन्हें एक रोल मॉडल की तरह तैयार करें। जिला शिक्षा अधिकारी इस मौके पर जिला भर के सभी विद्यालयों के प्रमुख के साथ-साथ खंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।

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