बड़े स्तर पर होगी डाक्टरों की भर्ती

मंत्री विपिन परमार बोले, स्वास्थ्य विभाग स्थापित करेगा मील पत्थर

धर्मशाला-स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में स्वास्थ्य में नए आयाम स्थापित करेगा। पहली बार एक साथ बड़े स्तर पर डाक्टरों की भर्ती सहित अन्य तकनीकी स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया करने की कवायद शुरू होने वाली है। इतना ही नहीं, सरकार ने प्रदेश में तकनीक पर जोर देते हुए नई एंबुलेंस और उपकरणों को भी स्वास्थ्य बेड़े में शामिल करने की पहल की है। लगभग 10 वर्ष पुरानी एंबुलेंस को बदलने से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार की उम्मीद जगी। वहीं 350 से अधिक डाक्टरों की भर्ती से भी पीएचसी, सीएचसी सहित बड़े अस्पतालों में मरीजों को राहत दिलाने वाला समाचार है। प्रदेश सरकार मेडिकल कालेजों में प्रोफेसर, एसोसिएट व अस्सिटेंट प्रोफेसरों के पद भरने की भी जल्द कवायद शुरू कर रही है, जिससे मेडिकल कालेजों में भविष्य के लिए अच्छे डाक्टर तैयार होंगे।  स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पड़े डाक्टरों के पदों को कैंपस इंट्रव्यू के माध्यम से भरा जा रहा है। सरकार करीब 350 पदों को जल्द भरने जा रही है, जिसकी शुरुआत टांडा मेडिकल कालेज से 100 डाक्टरों के इंटरव्यू कर हो रही है। आधे हिमाचल का जिम्मा संभालने वाले टांडा मेडिकल कालेज में भी डाक्टरों के पदों को भरने सहित स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना के तहत छूटे लोगों के कार्ड पहली जनवरी से फिर शुरू हो जाएंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी योजना से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। हिमाचल में आयुष्मान और हिम केयर योजनाओं के लिए जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया करवा रही है। ऐसा सरकारी ही नहीं, प्रदेश के करीब 56 निजी अस्पतालों के माध्यम से भी सुविधाएं दी जा रही है। श्री परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार दवाइयों की गुणवत्ता के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार दवाइयों की मॉनिटरिंग करके सैंपल फेल कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड कर रही है। इससे प्रदेश ही नहीं, देश भर में दवा क्षेत्र में हिमाचल का अलग स्थान बन सके।

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