बाजार में 69% घटी प्याज की आपूर्ति, कीमत में 10 गुना बढ़ोतरी

कब-कब सरकार के लिए 'आफत' बना प्याजमुंबई-प्याज उत्पादन करने वाले राज्यों में बेमौसम बारिश के कारण फसलों की बर्बादी से प्याज की बढ़ती कीमतों से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। आने वाले दिनों में प्याज और महंगा हो सकता है। देश में सर्वाधिक प्याज उत्पादन करने वाले राज्य महाराष्ट्र के थोक बाजार के आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू बाजार में किस तरह आपूर्ति में भारी गिरावट आई है। पिछले साल की 1-5 दिसंबर की अवधि से इस साल की इसी अवधि की तुलना करें तो महाराष्ट्र के कृषि उत्पाद बाजार समितियों (APMC) में प्याज की आपूर्ति में 69% की गिरावट आई है। दूसरी तरफ, थोक कीमतों में 10 गुने की बढ़ोतरी दर्ज की गई है

प्रति क्विंटल 6,297 रुपये बढ़ी कीमत
एपीएमसी के कामकाज पर नियंत्रण रखने वाली महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन समिति (MSAMB) के मुताबिक, पिछले साल 1-5 दिसंबर की अवधि में राज्य के एपीएमसी को 11.9 लाख क्विंटल प्याज की आपूर्ति की गई थी। इस साल यह आंकड़ा महज 3.7 लाख टन है। बीते साल दिसंबर में एपीएमसी में एक क्विंटल प्याज की औसत थोक कीमत 697 रुपये थी, जो इस साल बढ़कर 6,954 रुपये पर पहुंच गई।

जनवरी से ही मिलेगी राहत
अधिकारियों का कहना है कि केंद्र ने प्याज का आयात किया है, लेकिन कीमतों में गिरावट जनवरी में ही आएगी, जब राज्य में पिछात खरीफ फसलों का आना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘पिछात खरीफ फसलों के आने के बाद ही कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।’ एमएसएएमबी के प्रबंध निदेशक सुनील पवार ने कहा, ‘अच्ची बारिश के कारण प्याज के रबी फसल के बढ़िया रहने की उम्मीद है।’

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