बेहतर करियर देता है गणित

यदि आप में संख्या के लिए आकर्षण है, तो आप शिक्षण के क्षेत्र में करियर बना  सकते हैं। क्योंकि स्कूली स्तर में गणित मुख्य विषयों में से एक प्रमुख माना जाता है। आप बैंकिंग, अकाउंटेट, ग्राहक सेवा, कैश हैंडलिंग, खाता खोलने, बचत खाते, ऋण प्रोसेसिंग जैसे कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। आज की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास के साथ, वित्त और लेखा संबंधी जानकारी हेतु चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप गणित संबंधी किसी विषय शोध द्वारा गणितज्ञ के रूप में कार्य कर सकते हैं…

गणित विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है। भौतिकी, रसायन विज्ञान, खगोल विज्ञान आदि गणित के बिना नहीं समझे जा सकते। वास्तव में गणित की अनेक शाखाओं का विकास ही इसलिए किया गया कि प्राकृतिक विज्ञान में इसकी आवश्यकता आ पड़ी थी। कुछ हद तक हम सब के सब गणितज्ञ हैं। अपने दैनिक जीवन में रोजाना ही हम गणित का इस्तेमाल करते हैं। उस वक्त जब समय जानने के लिए हम घड़ी देखते हैं, अपने खरीदे गए सामान या खरीददारी के बाद बचने वाली रेजगारी का हिसाब जोड़ते हैं या फिर फुटबाल, टेनिस या क्रिकेट खेलते समय बनने वाले स्कोर का लेखा-जोखा रखते हैं।

गणित बिना विज्ञान नहीं

आज विज्ञान का युग है, पर बिना गणित के विज्ञान का कोई अस्तित्व नहीं है। साइंस किसी भी वस्तु का क्रमबद्ध ज्ञान होता है। और यह क्रमबद्ध ज्ञान गणनाओं पर ही निर्भर करता है। बिना गणित के तो साइंस की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसीलिए कहा जाता है कि गणित बिना विज्ञान नहीं है।

भारत की उपज है गणित

गणितीय गवेषणा का महत्त्वपूर्ण भाग भारतीय उपमहाद्वीप में उत्पन्न हुआ है। संख्या, शून्य, स्थानीय मान, अंकगणित, ज्यामिति, बीजगणित, कैलकुलस आदि का प्रारंभिक कार्य भारत में संपन्न हुआ। गणित न केवल औद्योगिक क्रांति का बल्कि परवर्ती काल में हुईं वैज्ञानिक उन्नति का भी केंद्र बिंदु रहा है। बिना गणित के विज्ञान की कोई भी शाखा पूर्ण नहीं हो सकती। भारत ने औद्योगिक क्रांति के लिए न केवल आर्थिक पूंजी प्रदान की बल्कि विज्ञान की नींव के जीवंत तत्त्व भी प्रदान किए, जिसके बिना मानवता विज्ञान और उच्च तकनीकी के इस आधुनिक दौर में प्रवेश नहीं कर पाती। विदेशी विद्वानों ने भी गणित के क्षेत्र में भारत के योगदान की सराहना की है।

मैथमैटिक्स स्टडी

अंग्रेजी फिल्में अगर आप देखें तो कई फिल्मों में पानी के बहाव से लेकर इनसान के बालों तक की मॉडलिंग गणित के सूत्रों से होती है। एनिमेशन फिल्में तो इसका प्रयोग करती ही हैं, इसके अलावा मौसम की जानकारी में भी गणित का खूब प्रयोग होता है। गणितीय अर्थशास्त्र, गणितीय जीव विज्ञान, गणितीय भौतिकी, गणितीय वित्त, गणितीय न्यूरो साइंस, व्यावसायिक गणित, गणित जियोफिजिक्स, भौतिकी और आभियांत्रिकी गणित आदि तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जो गणित के जानकारों का करियर स्वर्ण अक्षरों में लिखने का अवसर देते हैं।

प्रमुख कोर्स

* बीएबीएससी मैथ : तीन वर्षीय

* बीमैथ : तीन वर्ष

* बीटेक : चार वर्षीय

* एमएएमएससी मैथ : दो वर्षीय

* एमटेक : दो वर्षीय

* पीएचडी : तीन वर्षीय

सफलता का आधार

गणित में करियर के ढेर सारे ऑप्शन हैं। गणितज्ञ, प्रोफेसर और इंजीनियर बनाने के अतिरिक्त बैंक सीए, चार्टर्ड फाइनांस एनालिस्ट के कार्र्यों में गणित की भूमिका अहम है। यदि आप ऐसे क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैं तो गणितीय क्षमता को विकसित करने के लिए गणित के माइनर से माइनर प्वाइंट को समझना होगा। यदि मैथ के फार्मूलों पर आपका अधिकार हो गया तो निस्संदेह चोटी की सफलता अर्जित तो करेंगे ही, साथ ही गणित के स्टूडेंट्स को कुछ नया देने में सक्षम होंगे। अध्यापन-अनुसंधान में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला कम्प्यूटर अपने मूलरूप में गणित से ही संबंधित है।

पाई जा सकती है प्रसिद्धि

गणित एक अमूर्त या निराकार और निगमनात्मक प्रणाली है। गणित की कई शाखाओं में अंकगणित, रेखा गणित, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी, बीजगणित आदि ऐसी शाखाएं हैं, जिसमें कुछ नया खंगालने पर विश्व प्रसिद्धि पाई जा सकती है। गणित में अभ्यस्त व्यक्ति या खोज करने वाले वैज्ञानिक को गणितज्ञ कहते हैं। गणित ऐसी विधाओं का समूह है, जिसमें संख्याओं, मात्राओं, परिणामों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण स्वभाव आदि का अध्ययन किया जाता है।  बीसवीं शताब्दी के ब्रिटिश गणितज्ञ और दार्शनिक बर्टेड रसेल के शब्दों में गणित को एक ऐसे विषय के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें हम जानते ही नहीं कि हम क्या कर रहे हैं। न ही हमें यह पता होता है कि जो हम कह रहे हैं वह सत्य भी है कि नहीं। गणित कुछ अमूर्त धारणाओं एवं नियमों का संकलन मात्र ही नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन का मूलाधार भी है। आज की युवा पीढ़ी के लिए गणित में डिग्री लेने के उपरांत करियर के विभिन्न विकल्प हैं। उसके लिए रोजगार  संबंधी असंख्य अवसर हैं, जिनमें वह अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकती है। यदि आप में संख्या के लिए आकर्षण है, तो आप शिक्षण में करियर बना  सकते हैं। क्योंकि स्कूली स्तर में गणित मुख्य विषयों में से एक प्रमुख माना जाता है। आप बैंकिंग, अकाउंटेंट, ग्राहक सेवा, कैश हैंडलिंग, खाता खोलन, बचत खाते, ऋण प्रोसेसिंग जैसे कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। आज की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास के साथ, वित्त और लेखा संबंधी जानकारी हेतु चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप गणित संबंधी किसी विषय शोध द्वारा गणितज्ञ के रूप में कार्य कर सकते हैं।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान

* इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीच्यूट : नई दिल्ली

* चेन्नई मैथमेटिकल इंस्टीच्यूट : चेन्नई

* द इंस्टीच्यूट ऑफ  मैथमेटिकल साइंसेज, चेन्नई

* टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ  फंडामेंटल रिसर्च, बेंगलुरू

* हरीशचंद्र रिसर्च इंस्टीच्यूट : इलाहाबाद

* इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ  साइंस : बेंगलुरू

* इंडियन स्कूल ऑफ  माइन्स : धनबाद

* सेंट स्टीफन्स कालेज : नई दिल्ली

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