सात दिन से चयन आयोग के बाहर डटे अभ्यर्थी

ओटीआर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार से कर रहे मांग, कोर्ट ने सरकार पर छोड़ फैसला

हमीरपुर – पिछले सात दिनों से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के बाहर धरने पर बैठे जूनियर आफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 के रिजेक्टेड अभ्यर्थियों की कोई सुध नहीं ले रहा। दिन-रात अभ्यर्थी आयोग के बाहर बैठकर शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर आफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 के रिजेक्टेड कैंडीडेट सरकार से वन टाइम रिलेक्सेशन की मांग कर रहे हैं, क्योंकि न्यायालय ने इन अभ्यर्थियों के भविष्य का फैसला सरकार पर छोड़ रखा है। गुरुवार को सुजानपुर से कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से मिले। उन्होंने अभ्यर्थियों की सारी बात सुनने के उपरांत कहा कि यह मुद्दा विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है, वहां पर हजारों बेरोजगारों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ की बात रखी जाएगी। बता दें कि हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर पिछले सात दिनों से जूनियर आफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 के तहत रिजेक्ट किए गए दर्जनों अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार और विभाग के किसी भी नुमाइंदों ने इनकी सुध नहीं ली है। हायर एजुकेशन व इनवेलिड डिप्लोमा का हवाला देकर इन्हें नौकरी से वंचित किया गया है। धरने पर बैठे हुए अभ्यर्थियों से मिलकर गुरुवार को सुजानपुर के कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने हालचाल पूछा और अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मामले को प्रमुखता से सरकार के समक्ष रखा जाएगा। कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने चयन आयोग के बाहर धरने पर बैठे हुए अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय पर रोष प्रकट किया। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की बेपरवाह अफसरशाही के चलते अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। राणा ने कहा कि विधानसभा में इस मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सोई हुई सरकार को जगाया जाएगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले सात दिनों से न्याय के लिए गुहार लगाई जा रही है, लेकिन फिर भी सरकार पर असर नहीं हो रहा है। इनका कहना है कि रिजेक्ट किए गए 2400 युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

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