सिपाही अमरेंद्र सिंह को डीजीपी डिस्क अवार्ड

नाहन – संगीन से संगीन अपराधों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी भले ही देश के किसी भी कौने में छिपे हैं, परंतु सिरमौर पुलिस का साईबर क्राइम में एक एक्सपर्ट सिपाही अमरेंद्र सिंह अपनी साइबर क्राइम पर महारथ हासिल होने की तरकीब इस्तेमाल कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। सिरमौर पुलिस के नाहन में साइबर क्राइम सैल में तैनात सिपाही अमरेंद्र सिंह को साइबर क्राइम में गत करीब चार वर्षों से बेहतरीन परफार्मेंस के आधार पर पुलिस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में डीजीपी डिस्क अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सिरमौर पुलिस को इस बार यह पहला डीजीपी डिस्क अवार्ड मिला है। सिपाही अमरेंद्र सिंह ने न केवल अपनी काबिलियत से अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया है, बल्कि सिरमौर पुलिस का नाम भी चमकाया है। सिरमौर जिला पुलिस के साईबर सैल में सिपाही अमरेंद्र सिंह गत करीब चार वर्षों से तैनात हैं।  हिमाचल पुलिस में अमरेंद्र सिंह अमरेंद्र सिंह ने चार वर्ष की साईबर सैल की कार्य अवधी में करीब 60 से 70 ऐसे शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मदद की है जो देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी उपस्थिति को बार-बार बदलते थे। अमरेंद्र सिंह की पैनी नजर इन आरोपियों के सोशल मीडिया पर सक्रियता की हर गतिविधि पर रहती थी जिसे अपराधी भांप नहीं पाते थे। मूल रूप से गोबिंदगढ़ मोहल्ला नाहन निवासी हिमाचल पुलिस के सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह व गुरदीप कौर के पुत्र अमरेंद्र सिंह ने हिमाचल पुलिस में मात्र साढ़े छह साल की अवधि में डीजीपी डिस्क अवार्ड प्राप्त कर सिरमौर जिला के साथ-साथ सिरमौर पुलिस का नाम भी बढ़ाया है। अमरेंद्र सिंह ने दिव्य हिमाचल से बातचीत में डीजीपी डिस्क अवार्ड मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस पूरा श्रेय सिरमौर पुलिस के पुलिस अधीक्षक अजय कृष्ण शर्मा व सहयोगी टीम के मार्गदर्शन को जाता है। उन्होंने बताया कि यदि दृढ़ इच्छा व काम करने की जिद हो तो सफलता निश्चित है।

You might also like