हिमाचल कांग्रेस में कन्फ्यूज़न ही कन्फ्यूज़न

दिल्ली रैली के लिए किसके साथ बैठकर बनाएं रणनीति; न कार्यकारिणी, न कोई पदाधिकारी

शिमला – कांग्रेस पार्टी में इन दिनों अजीब सी स्थिति चल रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर 14 दिसंबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ रैली होनी है। इसमें सभी राज्यों से कांग्रेस के लोग बुलाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में इस समय कांग्रेस कार्यकारिणी नहीं है और अकेले प्रदेशाध्यक्ष हैं। ऐसे में यहां किस पदाधिकारियों को कहा जाएगा और किसे टारगेट दिया जाएगा कि उसके क्षेत्र से कितने लोग दिल्ली जाएंगे। दिलचस्प यह है कि कांग्रेस कार्यालय से जिन पुराने पदाधिकारियों को इसकी रणनीति बनाने के लिए फोन किए जा रहे हैं, वे दोटूक कहते सुने गए कि अब वे पदाधिकारी नहीं हैं। उनके पास जब कोई जिम्मेदारी ही नहीं है, तो वे किस हैसियत से बैठक में आएंगे। इस बैठक में दिल्ली रैली के लिए रणनीति बननी है। ऐसे में अब कांग्रेस अपने विधायकों की जिम्मेदारी लगाने की सोच रही है, लेकिन विधायक भी दो दर्जन के करीब ही हैं और इलाके 68 विधानभा क्षेत्र के हैं। शिमला में कांग्रेस पांच व छह दिसंबर को रणनीति बनाने के लिए बैठक करने की सोच रही है। इस संदर्भ में एक प्रेस वार्ता भी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने मंगलवार को बुलाई है। कुल मिलाकर ऊहापोह की स्थिति कांग्रेस में चल रही है। इस समय कभी प्रदेशाध्यक्ष दिल्ली दौड़ रहे हैं, तो कभी दूसरे नेता। रामलाल ठाकुर, कौल सिंह दिल्ली की दौड़ में जुटे हैं। रामलाल ठाकुर बुधवार को फिर से राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। छनकर जो सूचनाएं बाहर आ रही हैं, उसमें कभी प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर वहां कहा जा रहा है, तो कभी सीएलपी को लेकर। इन बातों में कितनी सच्चाई है, यह साफ नहीं है, क्योंकि जो नेता दिल्ली जा रहा है, वह अपने पक्ष में ही बात करता है। फिलहाल कांग्रेस की इस तरह की स्थिति में कोई सुधार नहीं है और जब तक नई कार्यकारिणी का स्वरूप साफ नहीं होगा तब तक आगे कुछ कहा भी नहीं जा सकता। इस समय वीरभद्र सिंह भी पार्टी की सियासत से दूर हैं, जो स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनकी ओर से कोई बात नहीं आ रही है, दूसरे नेता ही अभी कुर्सी-कुर्सी खेल रहे हैं। देखना यह है कि आने वाले दिनों में पार्टी में क्या होता है, क्योंकि घमासान मचा हुआ है और विस्फोट का इंतजार हो रहा है।

राठौर को दिल्ली बुलाया ही नहीं

यहां तक कहा गया कि सोमवार को राठौर दिल्ली जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्हें अभी दिल्ली नहीं बुलाया गया है और न ही उन्हें वहां मिलने का समय मिल सका है। उनकी रजनी पाटिल से बात हुई है, लेकिन मामला दिल्ली जाकर ही सिरे चढ़ेगा। अगले कुछ दिनों में वह वहां जा सकते हैं।

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