हैदराबाद गैंगरेप पर संसद में उबाल

सपा सांसद जया बच्चन बोलीं; भीड़ के हवाले किए जाएं रेपिस्ट, राजनाथ सिंह सख्त कानून के पक्ष में

नई दिल्ली – तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की रेप के बाद निर्मम हत्या से देशभर में उबाल है। सोमवार को इस मामले की गूंज संसद में भी सुनाई दी। दोनों सदनों में सभी दलों के सदस्य इस जघन्य कांड पर बेहद आक्रोशित नजर आए। सांसदों ने दोषियों को जल्द से जल्द फांसी के लिए कानून को और कड़ा करने की वकालत की। राज्यसभा में तो समाजवादी पार्टी की सांसद और बालीवुड अभिनेत्री जया बच्चन तो इस घटना से इस कदर आक्रोशित थीं कि उन्होंने बलात्कारियों को भीड़ के हवाले कर डालने का सुझाव दे डाला। राज्यसभा के सभापति जया के इस सुझाव से थोड़ा हैरान नजर आए। वहीं, एआईएडीएमके की सांसद विजिला सत्यानंद चर्चा के दौरान भावुक हो गईं। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि देश बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। उधर, लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार दोषियों को फांसी दिलाने के लिए कानून को और कड़ा करने के लिए तैयार है। राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि इस तरह की अमानवीय घटना से कानून के जरिए नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उम्र को लेकर भी सबको विचार करना चाहिए। कई लोग हैं, जो कहने लगते हैं कि आरोपी नाबालिग है। जो दुष्कृत्य और अपकृत्य कर सकता है, उसका उम्र से क्या लेना-देना है। कुछ सांसदों ने मेजें थपथपाकर सभापति के इस सुझाव का समर्थन किया। इससे पहले राजनाथ सिंह ने हैदराबाद की घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए कहा कि सभी दलों के सदस्य कानून को जितना कठोर बनाना चाहते हैं, सरकार उसके लिए तैयार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि अगर इस मामले पर सदन में चर्चा की जरूरत महसूस हो रही हो तो सरकार तैयार है। राज्यसभा में चर्चा के दौरान एसपी सांसद जया बच्चन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और बेहद कड़ी टिप्पणी कर दीं। उन्होंने सभापति वेंकैया नायडू से मुखातिब होते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को भीड़ के हवाले कर दिया जाना चाहिए और उन्हें लिंच कर देना चाहिए। जया के इस सुझाव पर सभापति असहज भी हो गए और उन्होंने लिंच शब्द पर हैरानी जताई। उधर, एआईएडीएमके की विजिला सत्यानंत चर्चा के दौरान भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए भारत सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने भी अपराधियों के खिलाफ  कठोर सजा की मांग की। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर 31 दिसंबर से पहले चारों दोषियों को फांसी दे देनी चाहिए।

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