अफसर ज्यादा और कर्मचारी कम

बिजली बोर्ड तकनीकी परिषद कर्मचारियों ने उठाया खाली पदों का मसला; बोले, अधिकारियों ने लटकाया चूल्हा प्रोजेक्ट

नगरोटा बगवां –हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर व कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा ने कहा कि भारी बर्फबारी के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुई विद्युत व्यवस्था की पुनः बहाली के लिए प्रदेश भर के विद्युत तकनीकी कर्मचारी कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा की कर्मचारी सुबह से सायं अंधेरा होने तक नियमित कार्य समय से ज्यादा इस खून जमा देने वाली ठंड में कार्य कर रहे हैं। ताकि शीघ्र ही विद्युत बहाली हो सके और प्रदेशभर के बहुमूल्य उपभोक्ताओं को इस कड़ाके की ठंड में निजात मिल सके। उन्होंने कहा कि इसी कारण कर्मचारियों ने बहुत दिनों से कोई भी अवकाश नहीं लिया। दुनी चंद ठाकुर ने कहा कि तकनीकी कर्मचारियों के पांच हजार पद खाली होने के बावजूद कर्मचारी अपने कार्य को पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की फौज विद्युत विभाग में लगातार बढ़ने के बावजूद चूल्हा परियोजना 100 मेगावाट जोगिंद्रनगर स्थित निर्माण कार्य जो कि साल 2002 में शुरू हुआ था उसे पांच वर्ष के अंदर बनकर तैयार हो जाना चाहिए था जिसकी कुल प्रारंभिक लागत 465 करोड़ रुपए थी, आज 17 वर्ष बाद भी आरंभ होता नहीं दिखता तथा इसकी निर्माण लागत भी 1600 करोड़ रुपए पार कर चुकी है। यह बिजली बोर्ड के अधिकारियों की असफलता का प्रमाण है। उच्च स्तर पर अभियंताओं की भर्ती व पदोन्नति निर्वाध रूप से जारी है। ठाकुर ने कहा कि प्रबंधक वर्ग कर्मचारियों की उचित मांगों को जैसे कि तकनीकी कर्मचारियों के हजारों पदों को भरनाए मानवरहित उपकेंद्रों में पदों के सृजन की प्रक्रिया को तेज करना, विभिन्न श्रेणियों के पद्दोन्नति अवधि को कम करनाए 48 श्रेणियों के ग्रेड पे विसंगति को दूर करनाए त्वरित पदोन्नति के लिए वार्षिक गुप्त रिपोर्ट का स्वाभित्व कैडर कंट्रोल अधिकारी जैसे अधीक्षण अभियंता तथा मुख्य अभियंता को सौंपना, ठेकेदार द्वारा निष्पादित कार्य को साल. दो साल तक उसी को रखरखाव के लिए सौंपना, ताकि सामान में गुणवत्ता लाई जा सके आदि मांगें शामिल हैं। अगर उक्त लंबित पड़ी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो तकनीकी कर्मचारी संघ 15 दिन बाद उक्त सभी मांगों का हल करवाने के लिए आगामी रणनीति तैयार करेगा।

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