एक्टिंग में संवारें करियर

आज के जमाने में टीवी इंडस्ट्री, फिल्म इंडस्ट्री भारत की सबसे तेज ग्रोथ वाली इंडस्ट्री है। इसमें करियर बनाने के लिए कई ऑप्शंज होते हैं, जिनमें आगे बढ़ा जा सकता है। एक्टिंग में करियर बनाने वालों के लिए ढेरों अवसर हैं जैसे फिल्म, टेलीविजन, विज्ञापन फिल्में, प्रोडक्शन हाउस, वीडियो फिल्में वगैरह। बढ़ते टीवी चैनल्स और क्षेत्रीय फिल्मों ने एक्टिंग के क्षेत्र में करियर बनाने  वालों के लिए राहें आसान कर दी हैं…

अपने स्कूल-कालेज में अभिनय करने के दौरान लगभग सभी कभी न कभी एक्टिंग में करियर बनाने के बारे में सोचते हैं, लेकिन एक्टिंग में वही लोग सफल होते हैं, जो एक्टिंग किए बिना रह ही नहीं सकते। आज के जमाने में टीवी इंडस्ट्री, फिल्म इंडस्ट्री भारत की सबसे तेज ग्रोथ वाली इंडस्ट्री है। इसमें करियर बनाने के लिए कई ऑप्शंज होते हैं, जिनमें आगे बढ़ा जा सकता है। एक्टिंग में करियर बनाने वालों के लिए ढेरों अवसर हैं जैसे फिल्म, टेलीविजन, विज्ञापन फिल्में, प्रोडक्शन हाउस, वीडियो फिल्में वगैरह। बढ़ते टीवी चैनल्स और क्षेत्रीय फिल्मों ने एक्टिंग के क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए राहें आसान कर दी हैं। दिल्ली, मुंबइ, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद जैसे शहरों में ढेरों काम हैं। भोजपुरी, तेलुगु,कन्नड़, बांग्ला व पंजाबी फिल्मों में भी काम की कमी नहीं है। एक्टिंग में रोमांच और लोकप्रियता के साथ-साथ तेजी से उन्नति करने के अपार मौके खुले हैं। एक बार अभिनय का जादू चल निकला तो शोहरत तथा दौलत की कमी नहीं रहती। कह सकते हैं कि एक्टिंग की फील्ड में करियर बनाने वालों के लिए शुभ संकेत हैं क्योंकि हर भाषा से संबंधित फिल्म उद्योग तेजी से फलफूल रहा है। आप भी एक्टिंग में करियर बना कर नाम और दाम कमा सकते हैं।

कैसे होगी एंट्री

अगर आप किसी फिल्म स्टार परिवार से नहीं आते हैं तो इसकी राह आपके लिए थोड़ी कठिन जरूर होगी, मगर नामुमकिन नहीं। इस समय मॉडलिंग और एक्टिंग एक दूसरे के काफी नजदीक हैं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादातर एक्टर मॉडल हैं या रह चुके हैं। एक्टिंग के बड़े मौकों की तलाश के बीच आप एंकरिंग, टीवी विज्ञापन, शो होस्टिंग, टीवी सीरियल में काम कर सकते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में कई चीजें बदल चुकी हैं, वहां फिलहाल कई ऐसे बड़े एक्टर हैं जिन्होंने अपने दम पर सफलता हासिल की है।

करियर बनाने के लिए कोर्सेज

इस क्षेत्र में पीजी डिप्लोमा इन एक्टिंग का दो वर्षीय कोर्स, डिप्लोमा इन एक्टिंग तीन साल का कोर्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिनेमा का तीन वर्षीय कोर्स और एक्टिंग फास्ट ट्रैक का छह महीने का कोर्स शामिल है। इन कोर्सेज के अलावा समय-समय पर कई वर्कशॉप भी आयोजित कराए जाते हैं, जिनमें एक्टिंग से संबंधित बेसिक गुर सिखाए जाते हैं। एक्टिंग सीखने के लिए थियेटर भी ज्वाइन कर सकते हैं। छोट-बड़े हर शहर में थियेटर लोकप्रिय हैं, वहां के संयोजक से संपर्क करके भी बेसिक जानकारी हासिल की जा सकती है।

काम का कोई समय नहीं

एक अभिनेता या अभिनेत्री का कार्य समय प्रोडक्शन हाउस तथा निर्माता-निर्देशक द्वारा तय किया जाता है। बावजूद इसके अभिनय का कोई निश्चित समय नहीं होता। अभिनय के लिए रात और दिन का कोई भी समय हो सकता है और शेड्य़ूल काफी टफ  रहता है।

कैसे बढ़ें आगे

अभिनय की दुनिया में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत आधार है रंगमंच। इससे भी पहले जरूरी है कि किसी अच्छे एक्टिंग स्कूल में प्रवेश लेकर खुद को पूरी तरह तैयार करें। एक्टिंग स्कूल में अभिनय की बारीकियां सीखने और थियेटर करने से एक तरह का आत्मविश्वास भी मिलता है। आप रंगमंच पर काम करते हुए भी अपनी एक पहचान बनाने के साथ रोजगार पा सकते हैं। टेलीविजन और फिल्मों में जाना चाहते हैं, तो समय- समय पर ऑडिशन देते रहें। क्या पता कब कोई चुनौती भरा रोल मिले और रूपहले पर्देे का रास्ता आपके लिए खुल जाए। आपकी मेहनत के साथ किस्मत भी साथ निभाती है।

प्रमुख संस्थान

* फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ  इंडिया, पुणे

* इंडियन एकेडमी ऑफ  ड्रामेटिक आर्ट्स, नई दिल्ली

* सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीच्यूट, कोलकाता

* नेशनल स्कूल ऑफ  ड्रामा, नई दिल्ली

* एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन, नोएडा

* दिल्ली फिल्म इंस्टीच्यूट, नई दिल्ली

* अनुपम खेर का एक्टर प्रिपेयर्स इंस्टीच्यूट

* सुभाष घई का व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल

चुनौतियां भी कम नहीं

शूटिंग का टाइम शेड्यूल काफी थकाऊ और कष्टप्रद होता है। कलाकार को जोखिम भरे स्टंट, कष्टप्रद सीन्स और अनचाहे सीन्स के लिए भी खुद को तैयार करना होता है। फिल्म अथवा डेली सोप की सफलता व असफलता दर्शकों की पसंद पर निर्भर करती है, इसलिए इस क्षेत्र में करियर अनिश्चितताओं से भी भरा होता है। सफलता और असफलता, दोनों के लिए आपको तैयार रहना होगा।

सकारात्मक पक्ष 

बढ़ रहे डेली सोप एवं फिल्म निर्माण से एक्टिंग में भविष्य सुनहरा है। खासकर कारपोरेट जगत के इस क्षेत्र में आने से गॉड फादर का तिलिस्म भी टूटा है। नए चेहरों को अभिनय क्षमता की बदौलत बेहतर काम मिल रहा है। एक अच्छी फिल्म और एक अच्छा निभाया हुआ किरदार रातोंरात सेलिब्रिटी बना देता है, जिसका ताजा उदाहरण सोनाक्षी सिन्हा, रणबीर सिंह के रूप में लिया जा सकता है। अभिनय के क्षेत्र में पैसे और शोहरत के साथ बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिलता है।

वेतनमान

आमदनी की कोई सीमा नहीं है। अगर एक फिल्म, धारावाहिक या विज्ञापन फिल्म हिट हो गई, तो आप स्टार बन जाते हैं। वैसे इसमें सैलरी की बजाय कांट्रैक्ट पर काम मिलता है। हां, किसी नाटक कंपनी या टीचिंग जॉब कर के भी अच्छी कमाई कर सकते हैं।

क्या हों व्यक्तिगत गुण

अच्छा व्यक्तित्व, बेहतर अभिनय क्षमता, भाषा पर अच्छी पकड़, क्रिएटिविटी, पात्र के अनुरूप खुद को ढालना आदि गुणों का होना जरूरी है। जन्मजात गुणों के साथ प्रशिक्षण भी जरूरी है। अभिनय, सिनेमा व रंगमंच से जुड़ी सभी विधाओं को बारीकियों को सीखना व जानना। डांस, एक्शन, बॉडी लैंग्वेज, मूवमेंट की भली प्रकार जानकारी। डबिंग, स्पीच वेरिएशन, इंप्रोवाइजेशन, म्यूजिक और तमाम ऐसी चीजों की समझ होनी जरूरी है।

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