एक महीने में ही उखड़ी टायरिंग

नैनाटिक्कर-डिलमन सड़क में फिर गड्ढे ही गड्ढे, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता-ठेकेदार-विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

नैनाटिक्कर –नैनाटिक्कर-डिलमन मार्ग यूं तो कई वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है और पिछले कई विधानसभा चुनावों में भी इस मार्ग को लेकर राजनीति की जाती रही है । गौर हो कि  यह नैनाटिक्कर-डिलमन-दयोथल सड़क पूर्व विधायक कांग्रेस के कद्दावर नेता गंगूराम मुसाफिर की गृह पंचायत के अंतर्गत आने वाला एकमात्र पक्का मार्ग है, परंतु इस पक्के मार्ग की हालत कच्ची सड़कों से भी बदतर है, जिसके बाद से ही इस मार्ग पर लगातार विधानसभा चुनावों में वोट बैंक की राजनीति देखने को मिली और राजनीतिक दलों द्वारा बार-बार इस सड़क से लाभान्वित होने वाली कई पंचायतों के बाशिंदों को प्रलोभन दिए जाते रहे हैं, लेकिन, जहां कांग्रेस के पूर्व विधायक गंगूराम मुसाफिर इस सड़क को मंत्री पद पर रहते हुए भी दुरुस्त न करवा पाए, वहीं अपने सात साल के कार्यकाल के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक तथा शिमला संसदीय क्षेत्र के वर्तमान सांसद सुरेश कश्यप भी 14 किलोमीटर इस सड़क की टायरिंग करवाने में विफल रहे, जिस कारण नैनाटिक्कर, महेंदोबाग, डंगयार तथा गिन्नीघाड़ क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित करने वाली यह सड़क बद से बदतर हो गई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इस सड़क की अभी तक कोई सुध नहीं ली थी, परंतु क्षेत्र के लोगों की समस्याओं तथा सड़क की दुर्दशा को देखते हुए अंततः नैनाटिक्कर.डिलमन से दयोथल तक की 14 किलोमीटर सड़क में से छह किलोमीटर सड़क की टायरिंग के लिए बजट मुहैया करवाया गया , जिसका निर्माण कार्य वर्ष-2019 की ग्रीष्म ऋतु में संपन्न किया जाना था, परंतु विभाग एवं ठेकेदार की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते इस मार्ग की टायरिंग दिसंबर माह में की गई, जबकि टायरिंग के लिए सर्दियों का यह समय अनुकूल नहीं समझा जाता है । परिणामस्वरूप अब यह टायरिंग जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जिसके बाद इस नई सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखने लगे हैं।  अतः कहा जा सकता है की सरकारी धन का दुरुपयोग यदि देखना हो तो नैनाटिक्कर-डिलमन मार्ग पर सफर करके देखो।  क्योंकि गौर करने वाली बात है कि विभाग यदि इसे ठीक करवाता है तो क्या मात्र पैचवर्क इस मार्ग पर करवाएगा या फिर दोबारा इस मार्ग की टायरिंग ठेकेदार द्वारा करवाई जाएगी यही विषय आजकल नैनाटिक्कर क्षेत्र में चर्चा का बना हुआ है । उधर इस संबंध में जब लोक निर्माण विभाग के राजगढ़ स्थित कार्यालय में अधिशाषी अभियंता नरेंद्र कुमार वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मौसम के साफ  होते ही इसकी मरम्मत करवा दी जाएगी । वहीं दूसरी ओर जब इस संबंध में पच्छाद विधायक रीना कश्यप से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दिसंबर में टायरिंग के लिए समय अनुकूल नहीं होता तथा विभाग के उच्चाधिकारियों से इस बाबत बात की जाएगी तथा यदि ठेकेदार और विभाग इस मार्ग की मौसम खुलने के बाद सही तरीके से टायरिंग नहीं करते हैं तो उचित कार्रवाई अमल में लाई  जाएगी।

 

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