एसएमसी शिक्षकों ने मांगा अनुबंध

शिमला में सीएम से मुलाकात कर सौंपा मांग पत्र, पीटीए की तर्ज पर मांगे वित्तीय लाभ

बालीचौकी –एसएमसी पीरियड आधार पर नियुक्त किए गए अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में मुख्यमंत्री से मिला और उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाओं के अलावा अपनी मांगों से भी अवगत करवाया। पीरियड आधार पर एसएमसी अध्यापक संघ के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव पीतांबर शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संगठन की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। पीरियड आधार पर नियुक्त एसएमसी शिक्षक संघ का कहना है कि इस समय 2630 शिक्षक प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में बहुत कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें न तो कोई अवकाश मिलता है और न ही कोई अन्य वित्तीय लाभ हासिल है। संघ के महासचिव ने बताया कि संघ की मांग है कि उन्हें भी पीटीए की तर्ज पर अनुबंध के तहत लाया जाए और उसी तर्ज पर वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं। गौरतलब है कि उक्त अध्यापकों को 2012 में पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में नियुक्ति दी गई थी। इस वर्ग में सबसे ज्यादा 126 अध्यापक मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सराज के हैं। उक्त अध्यापकों ने हाल ही में अनुबंध में लाए गए पंजाबी और उर्दू शिक्षकों की तर्ज पर इनके लिए भी नीति बनाने की मांग की है। पीरियड आधार पर नियुक्त एसएमसी अध्यापकों ने सोमवार को अपनी प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन भी किया, जिसमें सराज के पीतांबर शर्मा को महासचिव चुना गया। इसके अलावा पवन नेगी उपाध्यक्ष, संदीप शर्मा को कोषाध्यक्ष, रोशन, लक्की दुग्गल, टिकाराम शर्मा, विजय, खेमराज, ढमेश्वर व सुरेंद्र कुमार को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया।

You might also like