केंद्रीय सैनिक बोर्ड ने रोकी वित्तीय मदद

हमीरपुर-हिमाचली फौजियों के हजारों बच्चों की शिक्षा वित्तीय सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड ने रोक दी है। दो साल से योजना के तहत पैसा रिलीज नहीं किया गया।  ऐसे हिमाचल प्रदेश के फौजियों के 4588 बच्चों को पढ़ाई के लिए मिलने वाली शिक्षा आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। 27 अक्तूबर, 2017 के बाद से योजना का पैसा नहीं डाला गया। हवलदार रैंक तक के फौजियों के बच्चों को जमा दो तक  की पढ़ाई के लिए हर माह एक हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान केंद्रीय सैनिक बोर्ड की तरफ से है। वित्तीय सहायता पर रोक लगने के उपरांत बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च फौजियों को अपनी जेब से वहन करना पड़ रहा है। योजना के तहत सालाना 12 हजार रुपए एकमुश्त केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से दिए जाते रहे हैं। फौजियों के बच्चों की पढ़ाई को मिलने वाला पैसा केंद्रीय सैनिक बोर्ड कब रिलीज करेगा, इसके बारे में कुछ कह पाना संभव नहीं। राज्य सैनिक बोर्ड भी इस बात को लेकर चिंतित है, क्योंकि फाइनांशियल असिस्टेंस  रुकने का मुद्दा जनमंच में भी उठ चुका है। मामला केंद्रीय सैनिक बोर्ड के अधीन होने के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। चिल्ड्रन फाइनांशियल एजुकेशन असिस्टेंस रुकने के कारण क्या रहे, इसका किसी को सही तौर पर पता नहीं। क्यास लगाए जा रहे हैं कि शायद बजट के आभाव में यह पैसा जारी नहीं किया गया होगा। ऐसे में फौजियों को सिर्फ  इंतजार ही करना होगा। इस बारे राज्य सैनिक बोर्ड केंद्रीय सैनिक बोर्ड को अवगत भी करवा चुका है। बता दें कि केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से हलवदार रैंक तक के फौजियों के बच्चों को पढ़ाई के लिए शिक्षा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। दो बच्चों तक हर माह एक हजार रुपए पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं। फिलहाल योजना के तहत फौजियों के बच्चों को पैसा कब जारी होगा, इस पर संशय बना हुआ है।

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