जल्द पटरी पर लौटेगा स्पीति

प्रशासन ने युद्ध स्तर पर शुरू किया सड़कों की बहाली का कार्य, लोगों ने ली राहत की सांस

मनाली –भारी बर्फबारी के बाद जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं प्रशासन ने भी घाटी के ठप पड़े मार्गों को बहाल करने में अपनी पूरी ताकत झौंक डाली है। ऐसे में स्पीति प्रशासन ने यह दावा किया है कि वह फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक घाटी के सभी मार्गों को बहाल कर देगा। लिहाजा दिक्कतें झेल रहे स्पीति के लोगों को जहां प्रशासन ने राहत देने की योजन बनाई है, वहीं सड़कों की बहाली का कार्य भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता टाशी ज्ञामचो ने बताया कि मौसम के खुलते ही विभाग ने काजा से की, किब्बर से चिचिम तक सड़क को बहाल कर दिया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा काजा से  हिक्कम,  शिचलिंग से डंखर और शिचलिंग से माने तक भी सड़क बहाल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग हिक्कम-कोमिक मार्ग को भी शीघ्र बहाल करेगा। उन्होंने बताया कि अतरगु से सगनम मार्ग व लिदाग-डेमुल मार्ग को भी जल्द बहाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क बहाली के कार्य को अंजाम देने के लिए  दो डोजर, तीन जेसीबी काम कर रही है। ऐसे में स्पीति घाटी को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया है। उधर, बीआरओ ने एनएच-पांच सुमदो से झुंडी नाला व लोसर  से फलदार मैदान तक बहाल करने में कामयाबी हासिल की है। एसडीएम काजा जीवन सिंह नेगी ने कहा कि इस बार स्पीति घाटी में बर्फबारी काफी ज्यादा हुई है, जिस कारण सड़कों की बहाली के कार्य को अंजाम देना किस बड़ी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्पीति घाटी के अधिकांश मार्ग बहाल कर दिए गए हैं। उधर, स्थानी विधायक एवं  कृषि मंत्री डा. राम लाल मार्कंडेय ने कहा कि स्पीति घाटी में भारी बर्फबारी के कारण जहां अधिकतर सड़कें बंद हो गई थी, वहीं प्रशासन को यह आदेश दिए गए हैं कि सभी सड़कों को युद्ध स्तर पर बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा उन्हें सौंपी गई रिपोर्ट में यह बताया गया है कि घाटी की अधिकतर सड़कों को बहाल कर दिया गया है। शेष सड़कों को भी फरवरी माह के पहले सप्ताह तक बहाल कर दिया जाएगा।

यहां इतनी हुई बर्फबारी

यहां बतादें कि स्पीति घाटी में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जहां सुमदो से पोह मैदान तक एक फुट बर्फ , पोह से सिचलिंग तक 25 फुट, काजा से मोरंग  तक 35 फुट, क्याटो से लोसर तक चार फुट, काजा से किब्बर चिचिम तक तीन फुट बर्फ जमी हुई है।

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