तकड़ी नानक दी, तेरा तेरा बोले

संतोषगढ़ – स्थानीय ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास मंदिर में घल्लू घारा जोड़ मेले का आयोजन दूसरे दिन भी जारी रहा। बाबू मंगू राम मुगोवालिया को समर्पित 14वें जोड़ मेले में बुधवार को कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया। गढ़शंकर पंजाब के पूर्व विधायक एवं जोड़ मेले के संस्थापक शिंगारा राम सहूंगड़ा ने जोड़ मेले में मुख्य रूप से शिरकत की। वहीं यूके से पहुंचे गुरु अमरजीत सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की। जबकि पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती सहित गण्यमान्यों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। गायक धर्मवीर शिंपु, कुलदीप माही व कुलदीप सूफी ने भी गुरु रविदास महाराज की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने मेरा कांशी वाले नाल प्यार, तकड़ी नानक दी तेरा तेरा बोले। इससे पूर्व जोड़ मेला संयोजक शिंगार राम सहुगडा पूर्व विधायक गढशंकर  श्री  गुरू रविदास धार्मिक सभा संतोषगढ़ के प्रधान व जोड़ मेला कमेटी के चेयमैन प्रीतम चंद संधू व अध्यक्ष बलवीर बग्गा की अगुवाई में आदि प्रकाश रत्नागर सागर का भोग डाल झंडे की रस्म अदा की गई। इस अवसर पहुंची संगत ने गुरू के लंगर का प्रसाद भी ग्रहण किया। जोड़ मेले के दौरान लगाए गए मेडिकल जांच शिविर में संजीव क्लिनिक व  गुरुसेवा नर्सिंग कालेज टीम ने मरीजों की जांच की। इस मौके पर डा संजीव कुमार, डा. निर्मल, डा. गुरमीत, डा. संतोष नेत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच की। जोड़ मेले के दूसरे दिन बुधवार  को गुरु रविदास धार्मिक सभा के प्रधान बलवीर बबलू, वरिष्ठ उपप्रधान कश्मीरी लाल सिंघा,  सचिव बलराम महे,  उपप्रधान अमरजीत सिंघा, चीफ पैटर्न सुखराम , मीडिया प्रभारी नरेश सिंघा , सुलिन्दर सिंह ,सभा के पूर्व प्रधान पवन बिट्टू ,आल इंडिया आद धर्म मिशन के राष्ट्रीय प्रधान सन्त  सतविंदर सिंह हीरा, संत जोगिंद्र पाल जोहरी, सन्त जोगिंदर लांबा, बसपा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह , लेखराज कटनोरिया , शिव राम भाटिया तरसेम लाल, सुरिंद्र बस्सी, वरिंद्र नाथ, रमेश, लेखराज, नवीन, हरि चंद संधू, बीडीसी संजय भाटिया, भाटिया, मूल राज, तरसेम सहोता व गण्यमान्य उपस्थत रहे।

नयनादेवी मंदिर में मनाई मां की जयंती

नयनादेवी। विश्व विख्यात शक्तिपीठ नयनादेवी मंदिर में मां की जयंती प्रकट उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पूरे मंदिर को रंग-बिरंगे गुब्बारों, लाइटों व मोर पंखों से सजाया गया था। वहीं, पुरुष व महिला श्रद्धालुओं ने  पंजाबी  भेंटों पर खूब भांगड़ा भी डाला। पंजाब और हरियाणा की समाजसेवी संस्थाओं के द्वारा यहां पर स्वादिष्ट व्यंजन भी परोसे गए, वहीं श्रद्धालु एवं पर्यटकों के लिए खास खानपान की व्यवस्था भी की गई थी। मंदिर के समीप रोपड़ के श्रद्धालुओं के द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिनमें गरमा-गरम गुलाब जामुन, बर्गर, दही भल्ला, भेलपुरी, पनीर व पालक के पकौड़े, संतरे का जूस व गजरेला श्रद्धालुओं को परोसा गया। यह सभी लंगर श्रद्धालुओं द्वारा लगाएं गए थे। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं मां के दरबार में प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य पर माता जी के दर्शनों के लिए पहुंचे और पूजा-पाठ, हवन-यज्ञ करके श्रद्धालुओं ने अपने घर परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। उधर मंदिर न्यास के अधीक्षक राम कृष्ण शर्मा ने बताया कि माता जी की जयंती के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया और लाइनों में ही श्रद्धालुओं को मां के दर्शन करवाए गए।

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