धर्मशाला अस्पताल ‘लक्ष्य’ से कितना भटका

जोनल हास्पिटल में केंद्र सरकार की लक्ष्य योजना की प्रगति जांचने पहुंची केंद्रीय टीम

धर्मशाला –भारत सरकार की लक्ष्य योजना के तहत जोनल अस्पताल धर्मशाला अपने लक्ष्य पर कितना कायम है, और कितना भटक रहा है, इस विषय की जांच करने के लिए केंद्रीय टीम पहुंची। गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंची टीम ने धर्मशाला अस्पताल में लक्ष्य योजना के मानकों के तहत सुविधाओं की असेस्मेंट की। योजना के तहत टीम द्वारा प्रसूति कक्ष, आपरेशन थियेटर और प्रसूति संबंधी गहन देखभाल इकाईयों के अलावा अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। टीम में शामिल  इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ हैल्थ केयर कम्युनिकेशन की डायरेक्टर एवं नेशनल क्वालिटी असेस्मेंट सिस्टम की एक्सर्टनल डा. इंदु अरनेजा ने कहा कि योजना के तहत सुविधाओं की असेस्मेंट करने पहुंचे हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत सरकारी अस्पतालों और सुविधाओं में क्वालिटी सुधार की दिशा में कार्य करते हुए प्रमोट कर रहे हैं, जिस तरह से निजी अस्पतालों में क्वालिटी की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है, उसी सरकारी अस्पतालों को भी प्रोत्साहित करने के लिए कार्य किया जा रहा है, जिससे कि मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित हो और देखभाल में कोई कमी न हो। केंद्र सरकार का लक्ष्य प्रोग्राम है, जिसमें मदर एंड चाइल्ड हैल्थ केयर पर फोकस किया जा रहा है। अस्पतालों में जहां लेबर रूम है और आपरेशन थियेटर हैं, वे लक्ष्य के लिए अप्लाई करते हैं, क्योंकि यह सभी सरकारी अस्पतालों के लिए अनिवार्य है कि वे लक्ष्य के मानकों को पूरा करें। उसी तरह की एक एसेस्मेंट की जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से पहले से ही अस्पतालों की चैक लिस्ट तैयार है, उसी लिस्ट के आधार पर टीम अस्पतालों को स्कोर करती है। चैक लिस्ट में टीम सदस्य अपना पर्सनल ऑपिनियन नहीं डाल सकते, क्योंकि लिस्ट पहले से डिफाइंड होती है तथा उसे लिस्ट को आर्ब्जव करते  हुए स्कोर दिए जाते हैं। स्कोरिंग अच्छी आती है, तो पता चलता है कि पैरा मीटर को पूरा किया जा रहा है, और कमी रहती है, तो पता चलता है कि किस एरिया में काम करने की जरूरत है। इस मौके पर अस्पताल के अधिकारी व स्टाफ के सदस्य भी मौजूद रहे।

 

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