नाहन-कालाअंब के 90 प्रतिशत दूध में पानी की मिलावट

खाद्य सुरक्षा विभाग के मोबाइल वैन की टेस्टिंग में हुआ खुलासा , कुछ सैंपल में मिली यूरिया की भी आंशिक मिलावट

नाहन –सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन और औद्योगिक क्षेत्र नाहन में बेचा जा रहा दुध शुद्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को इससे सचेत रहने की आवश्यकता है। यही नहीं नाहन व कालाअंब क्षेत्र में बेचे जा रहे दुध में 10 से 15 प्रतिशत मामलों में यूरिया की मिलावट भी सामने आई है, जबकि 80 से 90 प्रतिशत दुध में पानी की मिलावट सामने आई है। इस बात का खुलासा हिमाचल प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिला सिरमौर के दौरे पर भेजी गई मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के दौरान हुआ है। इस वैन के माध्यम से दो दिनों तक नाहन के विभिन्न हिस्सों में जहां उपभोक्ताओं की मौके पर शिकायतें व शंकाएं दूर की गई, वहीं दुध व अन्य खाद्य पदार्थों के करीब 140 सैंपल लिए गए। इसके अलावा नाहन व कालाअंब क्षेत्र में करीब 200 उपभोक्ताओं की शंकाओं व शिकायतों को भी मौके पर ही निपटाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला सिरमौर के सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी डा. अतुल कायस्थ ने बताया कि इस मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में कंडाघाट स्थित लैबोरेट्री से खाद्य विश्लेषक उपासना भी उपस्थित थी, जो मौके पर ही सैंपल की जांच कर रही थी। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा बाकायदा मौके पर ही लोगों की शिकायतें सैंपल लेकर दूर की जा रही थी। डा. अतुल कायस्थ ने बताया कि यह सुविधा पूर्ण रूप से सरकार व विभाग की ओर से निःशुल्क थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान 80 से 90 प्रतिशत दुध के सैंपल में पानी की मिलावट पाई गई, जबकि कुछ सैंपल में आंशिक रूप से यूरिया भी पाया गया। उन्होंने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है तथा अभियान के दौरान वैंडर व उपभोक्ताओं को भी आवश्यक निर्देश से अवगत करवाया गया। गौर हो कि जिला सिरमौर के औद्योगिक कालाअंब व नाहन में अधिकांश दुध की सप्लाई हरियाणा से होती है तथा कई बार विभाग को मिलावटी दुध की शिकायतें मिल चुकी हैं। जिला सिरमौर में खाद्य सुरक्षा विभाग में लंबे समय से न तो खाद्य निरीक्षक की तैनाती है न ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी। ऐसे में विभाग को लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे व्यापारियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाने में मुश्किल सामने आ रही है। उधर खाद्य सुरक्षा विभाग जिला सिरमौर के सहायक आयुक्त डा. अतुल कायस्थ ने बताया कि यह वास्तव में चौंकाने वाली बात है कि 80 से 90 प्रतिशत दुध के सैंपल में पानी की मिलावट अधिक पाई गई है। उन्होंने कहा कि कुछ सैंपल में यूरिया के आंशिक संकेत मिले हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

 

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