पंजाब में हिमाचल की रेत-बजरी बैन

शिमला – पंजाब में हिमाचल की खनन सामग्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है। प्रदेश के क्रशर मालिक जो रेत व बजरी पंजाब भेज रहे हैं, उसे वहां एंट्री नहीं दी जा रही है। इनके वाहनों को वहां रोक दिया जा रहा है, जिस कारण हिमाचल के क्रशर मालिकों का भारी नुकसान हो रहा है। इसकी शिकायत सरकार तक पहुंची है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग व गृह के अलावा मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में क्रशर मालिकों ने स्थिति से अवगत कराया है। प्रदेश के सीमाई क्षेत्रों में क्रशर चलाने वाले लोगों पर पहले तो यहां पर सख्त नियम लागू हो रहे हैं, वहीं पंजाब में वहां की सरकार ने खुली छूट दे रखी है। ऐसे में वहां के लिए खनन सामग्री पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है, जबकि यहां के लिए वहां से धड़ाधड़ रेत व बजरी आ रही है। प्रदेश के क्रशर मालिक चाहते हैं कि पंजाब से यहां लाई जा रही खनन सामग्री को भी रोका जाए, जो कि अवैध रूप से आ रही है। इसके कागजात पूरे नहीं हैं, जिसके आरोप क्रशर मालिक लगा रहे हैं। बताया जाता है कि पंजाब से सटी सीमा पर हर जगह इस तरह की रोक लग चुकी है जिसमें हिमाचल की खनन सामग्री को वहां पर एंट्री नहीं दी जा रही। इतना ही नहीं, पंजाब सरकार के अधिकारी यहां तक गुमराह कर रहे हैं कि हिमाचल सरकार ने दूसरे राज्य में खनन सामग्री भेजे जाने पर बैन लगा दिया है, मगर ऐसा कोई आदेश प्रदेश सरकार की ओर से जारी नहीं हुआ है। मामला काफी ज्यादा संजीदा हो चुका है, क्योंकि इससे क्रशर मालिकों को नुकसान हो रहा है। पंजाब के अवैध कारोबारी हिमाचल की सीमा में घुसकर अवैज्ञानिक खनन कर रहे हैं और यहीं की सामग्री को अवैध रूप से धड़ल्ले से यहीं पर बेच रहे हैं मगर हिमाचल के कारोबारियों की सामग्री बाहर नहीं जा पा रही है। इस सिलसिले में क्रशर मालिकों ने अपना विरोध जताया है।

पंजाब वालों की गाडि़यां भी न आएं

क्रशर मालिक चाहते हैं कि पंजाब से जो रेत व बजरी यहां पर लाई जा रही है, उसे भी यहां रोक दिया जाए। उनके वाहनों की भी यहां एंट्री बंद किए जाने की मांग की गई है। क्रशर मालिकों का कहना है कि पंजाब में यहां के वाहनों को रोककर गुंडा टैक्स भी वसूला जा रहा है। वहां मोहाली, रोपड़, पठानकोट, होशियारपुर, तलवाड़ा, नूरपुर, आनंदपुर साहिब व कीरतपुर के रास्तों पर यहां के वाहनों को रोके जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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