फसलों पर आर्मी बर्म का हमला

पंजाब में पहली बार देखा गया, मक्का-हरे चारे को बना रहा निशाना

जालंधर – पंजाब कृषि विभाग ने फसलों को नुकसान पंहुचाने वाले एक नई प्रजाति के कीड़े की पहचान की है जो गोभी और मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है। मुख्य कृषि अधिकारी डा. नाजर सिंह ने गुरुवार को बताया कि ‘आर्मी बर्म’ नामक यह कीड़ा पंजाब के खेतों में पहली बार देखा गया है जो मक्का और हरा चारा जैसी फसलों में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि किसानों तक इस नए कीड़े संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र जालंधर ने एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। डा. नाजर ने बताया कि ‘आर्मी बर्म’ नमी वाले वातावरण की फसलों को खास तौर पर मक्का और गोभी की फसल को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में देश के कुछ अन्य राज्यों में भी इस कीड़े का प्रभाव देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस कीड़े का जीवन चक्र 25 से 30 दिनों का है इस दौरान यह फसलों का नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के दौरान सभी कृषि अधिकारियों को इस नए कीड़े के प्रभाव, हमले की पहचान और रोकथाम बारे जागरूक किया गया ताकि वह किसानों को जागरूक कर सकें। जिला के कीट विशेषज्ञ डा. संजीव कटारिया ने बताया कि आर्मी बर्म नामक यह कीड़ा बहुत खतरनाक है जो हर प्रकार की फसल को नुकसान पहुंचाने में समर्थ है। इस कीड़े की पसंदीदा फसल मक्का की फसल है। उन्होने बताया कि मादा कीड़ा लगभग एक हजार अंडे देती है, जिनमें से हल्के भूरे रंग की सुंडियां पैदा होती हैं। यह सुंडिया लगभग 15 दिनों तक लगातार फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं। इन कीड़ों पर किसी भी प्रकार के कीट नाशक का भी प्रभाव नहीं होता।

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