मौसम खुलते ही बागीचों में जुटे बागबान

नौहराधार –कई वर्षों के बाद भारी बर्फबारी से इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के बागीचे लकदक हो गए है। मौसम साफ होते ही बागबानों ने अब अपने बागीचों की ओर रुख कर दिया है। बागबान अपने बागीचों में खाद, गोबर, डालने में जुट गए हैं हालांकि अभी क्षेत्रों में बागीचों में बर्फ  जमी हुई है मगर बागबान खाद, गोबर व पेस्ट लगाने का कार्य कर रहे हैं। कई सालों से मौसम की मार का दंश झेल रहे किसानों-बागबानों के इस साल अच्छी फसलों की उम्मीद जगी है । हालांकि पिछले वर्ष भी सेब की अच्छी फसल हुई थी मगर इस वर्ष अच्छी बर्फबारी से बागबान बाग-बाग हो गए हैं । गिरिपार क्षेत्र के उंचाई वाले क्षेत्रों में सेब जहां बागबानों की मुख्य आर्थिकी मानी जाती है वहीं निचले क्षेत्रो के किसानों की आर्थिकी मजबूत करने में लहसुन,आलू व स्टोन फू्रट का एक अहम स्थान है । पिछले 2018 से पहले किसानों-बागबान ही नहीं परोक्ष रूप से रोजी कमाने वाले तकरीबन हर तबके की आर्थिकी बुरी तरह से डगमगा गई थी। परंतु इस वर्ष इंद्र देवता में इन लोगों की गत वर्ष मिले जख्मों पर मरहम लगाते हुए उनकी मुराद पूरी कर ली है । इस साल जनवरी माह में हुई बारिश -बर्फबारी को सेब के साथ-साथ अन्य फसलों के लिए वरदान माना जा रहा है। इस बार की भारी बर्फबारी को देखते हुए बागीचों में नई सेब की पौध को लगाने की भी होड़ मच गई है। बढ़ती मांग को लेकर नर्सरी विक्रेताओं ने भी नई पौध की कीमतों में इजाफा कर दिया है । विशेषज्ञ के अनुसार सेब की बंपर फसल के लिए अभी तक मौसम पूरी तरह से अनुकूल चल रहा है। बागबान अब अपने पौधो की कांट छांट व खाद, गोबर का कार्य शुरू कर सकते है। जनवरी माह में हुई अच्छी बर्फबारी से सेब के लिए आवश्यक चिलिंग आवर्ज पूरे होने की संभावनाएं बन चुकी हैं। भविष्य में भी इसी तरह साथ दिया तो इस वर्ष सेब की बंपर फसल की उम्मीद की जा सकती है।

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