रोजगार दिलाते हैं प्रोफेशनल कोर्स

सेल्फ फाइनांस कोर्स में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने डा. ज्योति कुमार पीजी  कालेज धर्मशाला के प्रिंसीपल, सेल्फ फाइनांस कोर्स के चेयरमैन से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश…

डा. ज्योति कुमार

पीजी कालेज धर्मशाला के प्रिंसीपल, सेल्फ फाइनांस कोर्स के चेयरमैन

आज के दौर में विशेष प्रोफेशनल कोर्सिज का क्या महत्त्व है?

प्रोफेशनल कोर्स आज के समय में रोजगारान्मुखी कोर्स बन चुके हैं। इसमें छात्रों के अध्ययन करने से उनके रोजगार की गारंटी मिल जाती है। तीसरे वर्ष में अध्ययन करते हुए ही विभिन्न कंपनियां इंटरव्यू करके छात्रों का चयन नौकरियों के लिए करती है।

प्रोफेशनल कोर्सिज के लिए समय सीमा?

इसमें बीबीए, बीसीए यूजी की तर्ज पर तीन वर्षिय होते हैं, जबकि एमसीए व एमबीए पीजी की तर्ज पर दो वर्ष के होते हैं। वहीं बीटैक का कोर्स चार वर्ष में पूरा होता है।

देश और प्रदेश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के बारे में बताएं, जहां इन कोर्सों का पाठयक्रम चलता है?

आज के दौर में प्रोफेशनल अप्रोच अधिक बढ़ गई है। ऐसे में प्रदेश के सभी मुख्य कालेजों और देशभर को शिक्षण संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स करवाए जा रहे हैं।

रोजगार किन-किन क्षेत्रों में उपलब्ध होता है?

मैनेजमेंट के कोर्स करके युवा विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनी सहित सरकारी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही बीसीए-एमसीए करने से आईटी के क्षेत्र में और वी-वॉक से टूरिज्म सहित अन्य कई प्रकार के क्षेत्रों में रोजगारा प्राप्त कर सकते हैं।

इस फील्ड में कितनी आय होती है?

वर्तमान समय में हर क्षेत्र में अलग-अलग आय लोगों को प्राप्त हो रही है। प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद 30 हजार से लाखों रुपए तक इन्कम हो रही है। धर्मशाला कालेज के छात्र ही काफी अधिक पैकेज में हाल ही में जॉब में चयनित हुए हैं।

क्या यह क्षेत्र अधिक चुनौतीपूर्ण है?

प्रोफेशनल बनने के लिए आपको किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान भी एक साथ ही एकत्रित करना होता है, ऐसे में कह सकते हैं कि इसमें अधिक चुनौतियों के साथ आपको कार्य करना पड़ता है।

प्रदेश सरकार कोर्सिज के लिए क्या प्रयास कर रही है?

सरकार की ओर से भवन, इंफास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इसके अलावा छात्रों की फी से ही सेल्फ फाइनैंस कोर्स चलाए जा रहे हैं। शिक्षकों का वेतन भी कोर्स के माध्यम से ही उपलब्ध करवाया जा रहा है।

— नरेन,  धर्मशाला

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