सेब-नाशपाती के अच्छे दिन

अपर शिमला में हिमपात के बाद चैरी में भी आई नई जान, चिलिंग आवर्ज पूरे होने से बागबानों को इस बार बड़ी उम्मीदें

मतियाना –ऊपरी शिमला मे इस वर्ष हो रही भारी बर्फबारी से क्षेत्र के किसान बागबान काफी उत्साहित है। अच्छी बर्फबारी होने से इस वर्ष आने वाले सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी और बारिश से सेब, नाशपाती और चेरी का उत्पादन बढ़ सकता है। इस सर्दी में इलाकों में ठंड काफी बढ़ी है। ऐसा मौसम फलों के लिए अनुकूल होता है, जिससे चिलिंग आवर की प्रक्रिया भी पूरी हुई है, इससे पहले 2017 सबसे शुष्क सर्दी वाला साल रहा था। ताजा हालात से इन इलाकों में सेब बागबान काफी खुश हैं, क्योंकि यह लगातार दूसरा साल है जब समय से बर्फबारी हुई है। सामान्य से अधिक बर्फबारी व बारिश होने से इलाके में सेब और अन्य फलों के अधिक उत्पादन के लिए जरूरी नमी और ठंडी अवधि सुनिश्चित होगी। ऊपरी शिमला  के क्षेत्रों में मौजूदा सर्दी सीजन में भारी बर्फबारी होने से फलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। इस साल सामान्य से अधिक बारिश ने उन क्षेत्रों में नमी बढ़ाई है, जो आमतौर पर ठंड के मौसम में सूखे रहते थे। बागबानी विशेषज्ञ नरेश कश्यप ने बताया कि मौजूदा समय सेब और अन्य फलों के लिए ठंड की न्यूनतम अवधि की जरूरत पूरी करने के लिहाज से काफी फायदेमंद है। ऊंचाई व निचले इलाकों में पिछले कुछ दिनों में बहुत भारी बर्फबारी हुई है। सेब को दिसंबर से फरवरी तक ठंडी अवधि की जरूरत होती है, लेकिन अनिश्चित मौसम के चलते पिछले एक दशक में ठंड का मौसम गर्म और सूखा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लगातार दूसरा साल है, जब बारिश और बर्फबारी समय पर हुई है। इससे लग रहा है कि राज्य में इस साल फलों का उत्पादन बंपर होगा। बर्फबारी के बाद खेती व बागीचों में सर्दियों के मौसम में होने वाले जरूरी कार्यों को निपटाने में किसान बागबान डट गए है। आजकल नए पौधे लगाने के लिए गड्ढे करने और सेब की कांट छांट करने तथा तौलिए और गोबर का जोरों पर है, जिसे समय रहते निपटने के लिए बागबान कड़ी मेहनत कर रहे है।

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