सेल्फ फाइनांस-वीवॉक कोर्सों ने दी रोजगार की गारंटी   

सदाबहार अभिनेता देवानंद और सुरीली आवाज से फिल्मफेयर जीतने वाले मोहित चौहान के अलावा सैकड़ों हस्तियां धर्मशाला में पढ़ने के बाद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपना व क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं…

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के सबसे पुराने शिक्षण संस्थान की बात की जाए तो पीजी कालेज धर्मशाला एकमात्र ऐसा संस्थान है, जो गुलाम भारत से लेकर आजाद भर में भी शिक्षा की लौ जलाने का कार्य कर रहा है। सदाबहार अभिनेता देवानंद और सुरीली आवाज से फिल्मफेयर जीतने वाले मोहित चौहान के अलावा सैंकड़ों हस्तियां धर्मशाला में पढ़ने के बाद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपना व क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। ब्रिटिशकाल के दौरान वर्ष 1912 में हिमाचल प्रदेश में पहले कालेज बनाने के लिए नींव का पत्थर रखा गया था। वर्ष 1926 में कालेज बनकर तैयार हुआ, और इंटरमिडिएट के रूप में शिक्षण कार्य शुरू हुआ। कालेज में पहले प्रिंसीपल के रूप में भाई बिशन दास पूरी ने 30 मई, 1926 को कार्यभार संभाला। इसके बाद 1928 में जियोर्ज ओडिटो, 1931 में कृष्ण कपूर, 1935 में बीए ब्रांस और 1940 को मलिक गुलाम रसूल ने पदभार संभाला। 1947 में देश के आजाद होने के बाद धर्मशाला कालेज ग्रेजुएशन करवाने वाला महाविद्यालय बन गया। वहीं 1977 में पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में पहली बार पीजी डिग्री स्नातकोत्तर करवाने वाले कालेज बनने का तमगा भी धर्मशाला कॉलेज के नाम है। नैक द्वारा पीजी कॉलेज धर्मशाला को वर्ष 2005 में बी ग्रेड प्रदान किया गया था, लेकिन मौजूदा समय में ए ग्रेड प्रदान किया गया है। जो कि प्रदेश के मात्र धर्मशाला व मंडी कालेज को ही ए-ग्रेड मिल पाया है, जबकि अन्य एक सौ से अधिक कालेज बिना ए-ग्रैड के ही चल रहे हैं। कालेज में आर्टस, सांईस व कॉमर्स के अलावा सेल्फ फाईनसिगं कोर्स में बीबीए, बीसीए, पीजीडीसीए, एमबीए, एमसीए, बीएससी, बी-टैक, वी-बॉक सहित पीजी डिग्री में इंग्लिश, कमैस्ट्री व ज्योग्राफी विषय भी चलाए जा रहे हैं। आज के दौर में भी धर्मशाला कालेज प्रदेश में विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही सुविधाएं प्रदान की जा रही है। अब कालेज में शिक्षा ग्रहण करते हुए ही बेहतर रोजगार के अवसर भी प्रोफेशनल छात्रों को मिल रहे हैं। वहीं धर्मशाला कालेज में प्रदेश में पहला ओडिटोरियम भी बना है, जो कि शिक्षण संस्थान के महत्त्वपूर्ण सेमीनार, वर्कशाप, कंपीटीशन, कार्यक्रमों सहित कई बड़े आयोजनों में अहम भूमिका निभा रहा है।

आर्ट्स-कामर्स व सांइस कमाल

पीजी कालेज धर्मशाला में प्रदेश भर के छात्रों के लिए आर्टस, कामर्स व सांईस विषय का अध्ययन करवाया जा रहा है। जिसमें बीए, बीकॉम व बीएससी में हजारों की संख्या में छात्र हर वर्ष शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उक्त विषयों के लिए कालेज में पर्याप्त मात्रा में स्टाफ और लैब, इंफास्ट्रक्चर सहित अन्य सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिसके चलते ही प्रदेश के जिला कांगड़ा के अलावा अन्य चंबा, हमीरपुर, ऊना, लाहौल-स्पिति, कुल्लू, मंडी व किन्नौर से भी छात्र अध्ययन करने के लिए विशेष रूप से पीजी कालेज धर्मशाला में पहुंचते हैं।

अब पोस्ट गे्रजुएशन का भी मौका

पीजी कालेज धर्मशाला में अंग्रेजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन कई वर्ष पहले से करवाई जा रही है। जिसमें 40 छात्रों को इंग्लिश में मास्टर बनाया जा रहा है। वहीं कालेज में अब कमैस्ट्री व ज्योग्राफी की स्नात्तकोत्तर विषय भी आरंभ किए गए हैं। जिसमें भी राज्य के कई जिलों के छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

सेल्फ फाइनांस कोर्स बने रोजगार की गारंटी

पीजी कालेज धर्मशाला में मौजूदा समय में लगभग एक दर्जन के करीब सेल्फ फाइनांस कोर्स करवाए जा रहे हैं। उक्त कोर्स छात्रों के लिए रोजगार व स्वरोजगार की गांरटी बन गए हैं। कालेज में बीबीए और एमबीए कई वर्ष पहले शुरू किए गए थे। जिसमें अब तक सैंकड़ों युवा अपना रोजगार व स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं। इसके अलावा धर्मशाला स्नाकत्तोर महाविद्यालय में बीसीए, एमसीए, बीसीए और पीजीडीसीए भी करवाए जा रहे हैं।

इंजीनियरिंग करवाने वाला राज्य का पहला कालेज 

पीजी कालेज धर्मशाला राज्य में इंजीनियरिंग का अध्ययन करवाने वाला पहला महाविद्यालय बन गया है। सेल्फ फाइनांस कोर्स के तहत ही बीटैक इंजीनियरिंग इन कंप्युटर सांइस करवाई जा रही है।  इसी शैक्षणिक सत्र से पहला बैच शुरू किया गया है, जो कि चार वर्ष का अध्ययन करेगा।

वी-वॉक कोर्स से भी खुले रोजगार के द्वार

धर्मशाला कालेज में वी-वॉक कोर्स भी शुरू किए गए हैं। जिनसे छात्रों को रोजगार व स्वरोजगार प्राप्त करने में मदद मिल पा रही है। इसमें टूरिज्म एंड हॉसपिटैलिटी दो विषय कालेज में शुरू किए गए हैं। जिससे हिमाचल में लगातार उभर रही टूरिज्म इंडस्ट्री में भी छात्रों को अपना भविष्य संवारने के अवसर मिल पा रहे हैं। पीजी कालेज धर्मशाला में कई वर्षों तक अध्यापन कार्य करने के बाद अब प्रिंसीपल पद का जिम्मा संभाल रहे डा. ज्योति कुमार ने बीटैक सहित पीजी कोर्स शुरू करवाने में भी अहम भूमिका निभाई है। डा. ज्योति कुमार धर्मशाला कालेज के फाइनांस कोर्स के डायरेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। दिव्य हिमाचल से उन्होंने धर्मशाला में चल रहे विषयों व सेल्फ फाइनैंस कोर्स को लेकर व उनके आधार पर रोजगार को लेकर खुलकर बातचीत की।

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