सौ करोड़ के दवा टेंडर रद्द होने पर हंमागा

कुछ फर्मों को मिली रिवोक्ड ऑफ टेक्निकल बिड की सूचना पर खूब बजे फोन

शिमला-प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के 100 करोड़ का दवा टेंडर रद्द करने के मामले पर शनिवार को खूब हंगामा मचा। कुछ फर्मों को रिवोक्ड ऑफ टेक्निकल बिड की सूचना दी गई। इससे एक पल बाद ही विभाग में फोन की घंटिया बज गईं कि आखिर अब ये बिड क्यों कैंसिल कर दी गई है। इस पर विभाग के आला अफसरों ने कहा कि यह एक तकनीकी कारण है और 31 जनवरी को टेंडर फाइनल कर दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान माहौल खूब गर्माया रहा कि कुछ कंपनियों के टर्नओवर में संशोधन को लेकर ऐसा पिछले वर्ष की तरह इस बार भी हो गया है। हालांकि इसको लेकर दलील दी गई कि कुछ कंपनियों को तय अवधि से लाभ देने के चक्कर में ऐसा किया गया है, जिससे टेंडर फाइनल करने में देरी का जा रही है। उधर, प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने इस दलील को नकार कर यह सफाई दी है कि विभाग ने दवा गुणवत्ता को लेकर पहली बार डब्लूएचओ की मान्यता को शामिल करके दवा गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाया है। ऐसे में टर्नओवर को लेकर कंपनियों की एंट्री का यह सवाल खड़ा करना अनैतिक है। फिलहाल प्रदेश में दवा खरीद को लेकर लगभग साठ कंपनियां सामने आई हैं। उनके दस्तावेजों का निरीक्षण किया जा रहा है। शनिवार को क ई कंपनियों को मिले टेंडर रद्द करने की सूचना पर विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि कुछ लैटर की एंट्री को लेकर भी यह दिक्कत पेश आई थी, लेकिन विभाग योजना बना रहा है कि 31 जनवरी को दवा टेंडर अंतिम चरण में पहुंचा दिया जाएगा। गौर हो कि प्रदेश के अस्पतालों में दवा की गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े  हो चुके हैं। इसमें प्रदेश सरकार ने भी गंभीरता जाहिर करते हुए सरकारी सप्लाई में दवा गुणवत्ता के देने के  निर्देश जारी किए हैं।

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