68 नहीं, 64 रुपए किलो मिलेगा प्याज

डिपुओं में उपभोक्तओं को चार रुपए की छूट, ट्रांसपोर्ट खर्चा केंद्र सरकार उठाएगी

शिमला – प्रदेश में सरकार द्वारा मंगवाए गए प्याज को लाने के लिए जो ट्रांसपोर्ट खर्चा आया है, उसे केंद्र सरकार वहन करेगी। केंद्र सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार को इस संबंध में सूचना भेजी है। मंत्रालय ने कहा है कि इस पर जो भी ट्रांसपोर्ट खर्चा आया है, वह मंत्रालय वहन करेगा, जो कि पांच से सात लाख रुपए बनता है। राज्य सरकार की यह राशि बच गई है, लिहाजा उसने उपभोक्ताओं को इसका फायदा पहुंचाने की सोची है। रविवार को सरकारी डिपुओं में जो प्याज 68 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा गया है, उसे सोमवार से 64 रुपए प्रति किलो कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को चार रुपए प्रति किलो की दर से राहत दी गई है। इसे लेकर सोमवार को सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सरकारी डिपुओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य को 120 मीट्रिक टन प्याज की खेप आई है। यह पूरी खेप पहुंच चुकी है और अब राज्य के सभी प्रमुख शहरी क्षेत्रों में सरकारी डिपुओं पर प्याज मिलना शुरू हो चुका है। यह प्याज केवल सिविल सप्लाई कारपोरेशन के डिपुओं में ही दिया जा रहा है, जिनकी संख्या प्रदेश भर में 72 है। 120 मीट्रिक टन, यानि 1200 क्विंटल प्याज को सिविल सप्लाई ने बराबर-बराबर जिलों को भेजा है। केवल शिमला शहर के लिए थोड़ा ज्यादा प्याज रखा गया है, जहां रविवार से ही प्याज की बिक्री शुरू हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि जिस शहर में सोमवार को प्याज नहीं पहुंचा, वहां मंगलवार को पहुंच जाएगा। वैसे हर जगह के लिए सप्लाई भेजी जा चुकी है। उपभोक्ता एक से दो किलो प्याज ही खरीद पाएंगे। अधिकारी चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी यह प्याज बिक जाए, क्योंकि इसके जल्दी खराब होने का स्कोप रहता है और ऐसा होता है, तो सरकार को नुकसान उठाना पड़ जाएगा। बहरहाल सरकार को परिवहन का खर्चा नहीं उठाना होगा। पांच रुपए प्रति किलो की दर से परिवहन का खर्चा सरकार को हुआ है और 120 मीट्रिक टन प्याज यहां तक पहुंचाया गया है।

दोबारा खेप नहीं मंगवाएगा विभाग

डिपुओं में दालें भी पहुंचनी शुरू हो गई हैं। सरकारी डिपुओं से मिलने वाला प्याज उपभोक्ताओं को कितनी राहत देगा, यह देखना है, क्योंकि बाजार में भी अब प्याज के दाम गिर चुके हैं। एक बार के बाद अब खाद्य आपूर्ति विभाग दोबारा प्याज नहीं मंगवाएगा।

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