अटल टनल से लोगों का आना-जाना बंद

सुरंग के काम को फाइनल टच देने में जुटा बीआरओ, दो महीने नहीं खुलेंगे द्वार

मनाली – समारिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण अटल टनल से अब लोगों की आवाजाही नहीं हो पाएगी। लाहुल से रैफर किए गए मरीजों के लिए भी टनल के द्वार नहीं खुल पाएंगे। शुक्रवार से बीआरओ अटल टनल से लोगों की अवाजाही को अगामी दो माह के लिए बंद करने जा रहा है। ऐसे में जनजातीय जिला के लोगों को प्रदेश सरकार के हेलिकाप्टर सेवा पर ही निर्भर रहना पड़ेगा, जिसको लेकर पहले ही जमकर हंगामा हो रहा है।  अटल टनल के चीफ इंजीनियर केपी पुरुशोथमन ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टनल की सड़क में मेटलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी तरह के वाहनों की आवाजाही टनल के भीतर नहीं हो पाएगी। न तो एंबुलेंस जा सकेगी और न ही कोई वीवीआईपी सुरंग से गुजर सकेगा।  उन्होंने कहा कि बुधवार को डीजी बीआरओ ने जहां अटल टनल के कार्य का जायजा लिया है, वहीं इस संबंध में उनसे बैठक करने के बाद ही इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि अटल टनल काकार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। बीआरओ शुक्रवार से अटल टनल की सड़क का मेटलिंग का कार्य शुरू करने जा रहा है। इसे करने के लिए करीब दो माह लगेंगे। इसके अलावा टनल की सर्फेसिंग व इलेक्ट्रिक कार्य को भी इस दौरान अंजाम दिया जाना है। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने इस संबंध में लाहुल-स्पीति व मनाली प्रशासन सहित प्रदेश सरकार को सूचित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि चार हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही 8.8 किलोमीटर लंबी अटल टनल के बनने के बाद जहां लाहुल-स्पीति की तस्वीर बदल जाएगी, वहीं जनजातीय जिला का संपर्क साल भर विश्व से बना रहेगा। ऐसे में अटल टनल से आवाजाही बंद होने के बाद लोगों को अब रोहतांग दर्रे के बहाल होने का इंतजार है।

सरकार बढ़ाएगी उड़ानों की संख्या

लाहुल-स्पीति के स्थानीय विधायक एवं कृषि मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय का कहना है कि बीआरओ अटल टनल को फाइनल टच दे रहा है। इसलिए लोगों की आवाजाही टनल से बंद की गई है। प्रदेश सरकार से लाहुल-स्पीति के लिए हेलिकाप्टर की अधिक उड़ानें करवाने का आग्रह किया गया है।

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