आरटीआई न देने पर 50 हजार जुर्माना

राज्य सूचना आयोग का फरमान, तहसीलदार जुलाना की कटेगी दो माह की सैलरी

पंचकूला – तहसीलदार को एक आरटीआई का जवाब न देना 50 हजार का नुकसान पहुंचा गया। राज्य सूचना आयोग ने दो अलग-अलग केसों में तहसीलदार शिवकुमार सैनी पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। दरअसल गांव खरेंटी निवासी किसान सूरजमल नैन ने 20 नवंबर, 2018 को तहसील जुलाना में आरटीआई लगाकर जुलाई 2017 में गांव खरेंटी में खराब हुई फसल के मुआवजे से संबंधित जानकारी मांगी थी और दूसरी आरटीआई में अक्तूबर 2018 में उपायुक्त जींद द्वारा जुलाना के गांवों में किए गए औचक निरीक्षण से संबंधित जानकारी मांगी थी। यह 30 नवंबर, 2018 को डीसी कार्यालय में लगाई थी। इन दोनों केसों में सूचना आयोग ने 16 जुलाई, 2019 को तहसीलदार जुलाना को 15 दिन के अंदर सूचना देने के निर्देश दिए थे, लेकिन तहसीलदार ने दोनों केसों में सूचना नहीं दी। इसके बाद आयोग ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन उसका भी जवाब नहीं दिया। इस पर आयोग ने दोनों ही केसों में तहसीलदार शिव कुमार सैनी पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। अब इस जुर्माने की राशि तहसीलदार के अप्रैल और मई के वेतन से काटी जाएगी। इस मामले में जुलाना तहसीलदार शिवकुमार सैनी का कहना है कि खरेंटी निवासी सूरजमल नैन द्वारा आरटीआई लगाकर तीसरे पक्ष का जवाब मांगा जा रहा था। 2017 के मुआवजा वितरण का कार्य अभी भी चल रहा है। जैसे ही काम पूरा होगा आरटीआई का जवाब दे दिया जाएगा। जुर्माना लगाने के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

 

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